– पाण्डेय हरिराम


दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर आजु एक बेर फेरु बम धमाका भइल बा. धमाका गेट नंबर पांच का लगे भइल. गृह मंत्रालय मनलसि कि ई आतंकवादी हमला ह. केंद्रीय गृह सचिव आर. के. सिंह के मुताबिक सुबह 10.14 बजे धमाका भइल जवना में 11 लोगे के मरइला के आधिकारिक पुष्टि कइल गइल बा. घायलन के तादाद 85 हो गइल बा आ अनेके लोग हालत गंभीर बा. गृह सचिव के मुताबिक एह धमाके में आईईडी अउर टाइमर के इस्तेमाल कइल गइल बा. अमोनियम नाइट्रेटो के इस्तेमाल भइला के खबर बा. घवाहिल आ मराइलन के तादाद बढ़ सकेला. कुछ महीना पहिलहू (25 मई को) दिल्ली हाईकोर्ट के परिसर में धमाका भइल रहे. एहू धमाका में अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल होखे के बाति सामने आइल रहे. जवन जगहा ई धमाका भइल बा ओहिजा लोग हाईकोर्ट में घूसे खातिर पर्ची बनवावेला. गेट नंबर पांचे मुख्य गेट ह. एहीजे से अधिकतर वकील आ उनुकर मुवक्किल अदालत परिसर में घुसेले. चश्मदीदन के मुताबिक जवना घरी धमाका भइल ओहिजा, गेट नंबर पांच के आसपास, करीब 200 लोग मौजूद रहल. हाईकोर्ट परिसर के बाहर भइल बम धमाका के बाद संसद भवन के सुरक्षा व्यवस्था अउरी कड़ा कर दिहल गइल बा. संसद भवन धमाका वाला जगहा से बस ढाई किलोमीटर का दूरी पर बा. मशहूर इंडिया गेट हाईकोर्ट से सटले बा. पी॰ चिदंबरम लोकसभा में बयान देत कहले कि ई आतंकी हमला ह. इहो कहले कि दिल्ली आतंकवादियन का निशाना पर रहल बिया. चिदंबरम मृतकन के परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त करत घवाहिलन के बेहतरीन इलाज मुहैया करावे के आश्वासन दिहले. बम धमाका के बाद गृह मंत्रालय में उच्चस्तरीय बईठक भइल. केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम आ वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी बांगला देश गइल पीएम मनमोहन सिंह के एह बम धमाका के जानकारी दिहले. पीएम एह बम धमाका के निंदा करत एकरा के कायराना कार्रवाई बतवले बाड़न. गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) यू के बंसल कहले कि हाईकोर्ट के बाहर धमाका का बाद दिल्ली समेत पूरा देश में अलर्ट जारी कर दिहल गइल बा. पाकिस्तान से आतंकवादी संगठन हरकत-उल-जिहाद इस्लामी (हूजी) मीडिया के एगो ई मेल संदेश भेज के दिल्ली हाई कोर्ट के सामने भइल बम विस्फोट कांड के जिम्मेदारी सकरले बा. एह ई मेल के मुताबिक हूजी के मांग बा कि अफजल गुरु के मौत के सजा माफ कइल जाव. हालांकि सरकार अबही एह ई मेल संदेश के प्रामाणिकता नइखे सकरले. आ ई मेल संदेश के जांच कइल जा रहल बा. ई मेल संदेश में कहल गइल बा कि अगर अफजल गुरु के फांसी माफ करे के मांग मानल ना गइल त सुप्रीम कोर्ट आ हाई कोर्टन में विस्फोटन के अइसन कई घटना होई. अफजल गुरु के संसद हमला मामिला में सुप्रीम कोर्ट 2004 में फांसी के सजा सुनवले रहल.

हमला खातिर बुध के दिन खास मकसद से चुनल गइल. एह दिने अदालत में बेसी भीड़ होला काहे कि एही दिने जनहित याचिका के सुनवाई होला. एहसे बाकी दिनन का बनिस्बत ढेरे लोग अदालत आवेला. बीतल 25 मईओ के हाईकोर्ट का बहरि धमाका भइल रहल. उहो बुधे के दिन रहल. बाकिर ओह धमाका में जान माल के बेसी नुकसान ना भइल रहे. मानल जात बा कि ऊ वारदात आतंकी ‘रिहर्सल’ का रूप में कइले रहले. अबही ले मिलल जानकारी त इहे बतावत बा कि ई विस्फोट हमनी के सुरक्षा एजेंसियन के चुनौती बावे. दुनिया भर में 9/11 के घटना का बाद अपराध जांच अउर सुरक्षा में बहुते इजाफा भइल बा, बाकिर हमनी का देश में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का बावजूद, ई बुरी तरह नाकामयाब बा. हमनी के खुफिया तंत्र आ आतंकवादी विरोधी एजेंसियन में बहुते बड़हन कमी बा आ ओकरा के चुस्त- दुरुस्त बनावे के बाते भर कइल जाला. विरोधीओ दल लमहर लमहर डींग मरीहें बाकिर उहो राष्ट्र हित के एह मसला पर सरकार के ध्यान लगावे में नाकामयाब बाड़े. जब एह पर चरचा होखबो करेला त एक दोसरा पर कीचड़ उछलला का सिवाय दोसर कुछ ना हो पावे.
(8 सितम्बर 2011)


पाण्डेय हरिराम जी कोलकाता से प्रकाशित होखे वाला लोकप्रिय हिन्दी अखबार “सन्मार्ग” के संपादक हईं आ उहाँ का अपना ब्लॉग पर हिन्दी में लिखल करेनी.

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