हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिला में अली सैयदपुर गाँव में रामनिवास यादव आ गुलाबो देवी का परिवार में २५ दिसम्बर १९६५ के जनमल बालक के नाम धराइल रहे रामकृष्ण यादव. उहे रामकृष्ण यादव आगा चलि के स्वामी रामदेव बन गइले. आजु का दिन पूरा देश के ध्यान बाबा रामदेव पर टिकल बा काहे कि आजु ४ जून २०११ से ऊ देश में करिया धन खतम करावे खातिर अपना लाखो समर्थकन का साथे अनशन पर बइठल बाड़े. काल्हु तक उहापोह बनल रहे कि पता ना अनशन होखबो करी कि ना काहे कि केन्द्र सरकार हर तरह के उपाय में लागल रहे कि बाबा के मना लिहल जाव. बाबा मुलायम त भइल बाड़े बाकिर कहले कि जबले उनुकर हर बाति मान नइखे लिहल जात तबले ऊ आपन आन्दोलन जारी रखीहे. आजु सबेरे बाबा रामदेव दिल्ली का रामलीला मैदान में बनावल अपना अस्थायी योग शिविर में आ के भक्तन के संबोधित कइले आ उनुकर कार्यक्रम शुरु हो चुकल बा.

त हरियाणा के रामकृष्ण यादव शहजादपुर स्कूल से मिडिल के पढ़ाई कइला का बाद आर्श गुरुकुल खानपुर से आचार्य प्रद्युम्न का देखरेख में संस्कृत आ योग के पढ़ाई शूरु कइले. बाद में आचार्य बलदेवजी का संपर्क में अइला का बाद रामकृष्ण यादव सन्यास ले लिहले आ उनुकर नाम बदल के स्वामी रामदेव कर दिहल गइल.

स्वामी रामदेव तब जिंद के कल्वा गुरुकुल में कुछ बरीस गाँव वालन के योगा के मुफ्त प्रशिक्षण दिहलें. बाद में फेर हरिद्वार का गुरुकुल कांगड़ी में पुरातन भारतीय ग्रंथन के अध्ययन करे लगलन. अरविन्दो घोष के लिखल योगिक साधन, जवना के बंगला से हिन्दी में अनुवाद रामप्रसाद बिस्मिल कइले रहले, पढ़ला का बाद स्वामी रामदेव हिमालय के राह धर लिहलन जहाँ आत्मानुशासन आ ध्यान के अभ्यास कइलन.

साल २००३ में जब स्वामी रामदेव आचार्य बालकृष्ण का साथे दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट शुरु कइलन आ आस्था टीवी पर उनुकर नियमित रुप से कार्यक्रम आवे लागल त थोड़ही दिन में स्वामी रामदेव के भक्तन के संख्या तेजी से बढ़े लागल आ उनुकर एगो भक्त समुदाय खड़ा हो गइल. न्यूयार्क टाइम्स स्वामी रामदेव पर टिप्पणी कइलस कि ऊ एगो अइसन भारतीय हउवें जे योग के साम्राज्य बना लिहलसि आ जेकरा में रिचर्ड साइमन्स, डा॰ ओज, आ ओपरा विनफ्रे के सम्मिलित गुण प्रतिभा मौजूद बा.

स्वामी रामदेव फेर साल २००६ में पातंजलि योग पीठ बनवले जवना के उद्घाटन ६ अगस्त २००६ के तब के उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत कइले. एह पीठ के लक्ष्य बनावल गइल आयुर्वेद आ योग के पुनर्प्रतिष्ठा आ चिकित्सा आ शोध के व्यवस्था. आजु का दिन में बाबा रामदेव के ई बहुते लाभदायक व्यवसाय बनि गइल बा जवना का चलते कबो कबो लोग आरोप लगावत रहेला.

बाबा रामदेव सबसे बेसी चर्चा में तब अइलन जब ऊ शीतल पेयन का खिलाफ आपन मुहिम छेड़लन. कहलन कि बहुते बीमारियन का जड़ में एही सब शीतल पेयन के सेवन बा. बाबा रामदेव के एह प्रचार भा कुप्रचार का बाद शीतल पेय बनावे वाली कंपनियन पर असर पड़ल बाकिर ओकनी के मौजूदगी बाजार में आजुवो बनल बा.

बाबा रामदेव के बीच बीच में राजनीतिक महात्वाकांक्षा जागत रहेला आ कबो भारत स्वामिभान आन्दोलन आ कबो कवनो दोसरा कारण से ऊ हमेशा चरचा में बनल रहेले. पिछला दिने जब अन्ना हजारे लोकपाल बिल खातिर दिल्ली के जंतर मंतर पर आपन अनशन शुरु कइलन त मूल रुप से सहमत रहला का बावजूद बाबा रामदेव कई मुद्दन पर ओह “सिविल सोसाइटी” से अलगा लउकलन. अन्ना हजारे से पीड़ित केन्द्र सरकार के एगो राहत के रोशनी लउकल बाबा रामदेव में आ उनुका के बड़हन बनावे खातिर केन्द्र सरकार उनुका के अइसन तवज्जो दिहलसि जाने कि लागे कि कवनो राष्ट्राध्यक्ष के सम्मान दिहल जा रहल बा. बाकिर करिया धन आ भठियरपन का खिलाफ चलावल अपना आन्दोलन में बाबा ओहिजा आ चुकल बाड़े जहाँ से उनुकर आसान वापसी ना हो सके. या त उनुका अपना लड़ाई के ओकरा अंतिम मंजिल तक ले जाये के पड़ी या उनुकर सगरी प्रभामण्डल ध्वस्त हो जाई.

देखे लायक रही कि का होखत बा. आजु ई लेख लिखत घरी ले त इहे बुझात बा कि बाबा पसीजल त बाड़े बाकिर उनुका कवनो सम्मानजनक राह नइखे लउकत जवना से ऊ वापिस हो जासु. केन्द्र सरकार अपना मजबूरी में बाबा रामदेव के समुझावे में लागल बिया त संघ परिवार अपना मजबूरी में बाबा रामदेव के झंडा ऊँच करे में लागल बिया. भाजपा के डर बा कि कहीं बाबा रामदेव गोविन्दाचार्य का साथे मिल के कवनो राजनीतिक दल मत बना लेसु जवना से भाजपा के नुकसान हो जाव. देखल जाव केकर मजबूरी बड़हन साबित होखत बा. बाबा अपना मजबूरी में अनशन से वापिस नइखन हट पावत आ जनता अपना मजबूरी में बाबा के साथ दे रहल बिया. सभकर मकसद इहे बा कि देश के मजबूरी खतम होखे.


(इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री का आधार पर.)

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