साहित्य अकादमी के नया चुनाइल उपाध्यक्ष प्रो॰ विश्वनाथ उपाध्याय के कहना बा कि भोजपुरी के संवैधानिक दर्जा दिआवे खातिर चल रहल कोशिश बेमतलब बा. जरुरत बा कि पहिले भोजपुरी के साहित्य समृद्ध कइल जाव. भोजपुरी भाषा के राजनीतिक चोला पहिरावे के कोशिश बन्द कइल जाव. भोजपुरी का मंच पर राजनीतिज्ञन के मौजूदगी समुझ के बाहर के बाति बा. ओहिजा भोजपुरी के साहित्यकारन के होखे के चाहीं. दोसरा भाषा वाला इलाकन में रोल माडल रविन्द्र नाथ टैगोर जइसन लोग बनल जबकि हिन्दी पट्टी में राजनीतिज्ञन के रोल मॉडल बना लिहल गइल बा.


टटका खबर से

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