काल्हु दुनिया भर में माईभासा दिवस मनावल जाई आ लोग अपना अपना माईभासा के पुरहर, समहर, मजगर बनावे के जोड़ जुगत में लागत आपन आपन आयोजन करी. भोजपुरी के मठाधीशो लोग जगहे जगह आयोजन करे वाला बा. एह आयोजनन के एकाध बोलहटा हमरो लगे चहुँपल बा आ ओकरा के देख के हम दंग बानी.
नमूना खाति भोजपुरी समाज दिल्ली के निमन्त्रण रउरा सोझा पेश बा –
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भोजपुरी के खानदानी दुश्मन भासा हिन्दी में लिखल एह बोलहटा के आजु का दिन में चलत भोजपुरी आन्दोलन के प्रतीक मानल जा सकेला. ई बतावत बा कि भोजपुरी के नाम पर संस्था सम्मेलन चलावत लोग भोजपुरी के घटिया मानेला. एह लोग का नजरी में भोजपुरी एह जोग नइखे कि ओह भासा में बोलहटा छपावल जा सके आ विचार गोष्ठी के मथैला भोजपुरी में तय कइल जा सके. शायद ओहिजा चरचो हिन्दीए में होखी. हो सकेला कि कुछ भासाप्रेमी आपन बात भोजपुरी में कहसु बाकिर एतना त बेझिझक कहल जा सकेला कि आयोजन के प्रेस नोट हिन्दी आ अंगरेजिए में जारी कइल जाई. अबहीं ले त इहे होखत आइल बा.

भोजपुरी से प्रेम करे वाला लोग एहू पर सोची आ मनन करी एकर आस निराश रहला का बादो हम करत रहब. बाकि माई के मरजी.

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