पिछला दिने पहली फरवरी के मुंबई में भोजपुरी के एगो खास काव्य संध्या के आयोजन भइल. खास एह माने में कि मराठी भाषी प्रबुद्ध लोग के मानस के मर्म छू लिहलसि भोजपुरी कविता.

आयोजन करवले रहल सामाजिक सांस्कृतिक संस्था “सेतु” आ जगहा रहे पश्चिमी मुंबई के रोटरी क्लब हॉल. एह “भोजपुरी संगोष्ठी आ काव्य संध्या” में मारीशस से आइल विदुषी डा॰ सरिता बुधु के दू गो किताब, “भोजपुरी बोलऽ” आ ” सहज भोजपुरी व्याकरण” के विमोचन विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अध्यक्ष सतीश त्रिपाठी का हाथे करावल गइल.

काव्य संध्या में भोजपुरी के मशहूर कवि आ गीतकार डा॰ अशोक द्विवेदी, डा॰ कमलेश राय, डा॰ प्रकाश उदय अपना गीत आ कवितन के जीवन्त प्रस्तुति दे के ओहिजा मौजूद मराठी आ भोजपुरी जनमानस के मर्म छू लिहले. संवेदना आ लोक लालित्य का साथे गहीर अनुभूति से उपजल गीतन से सुननिहार लोग रसविभोर हो गइल.

अगिला दिने दू फरवरी के मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग का कैंपस के भौतिकी सभागारो में भोजपुरी संगोष्ठी के आयोजन भइल. एहिजो विश्वविद्यालय के छात्र आ प्राध्यापकन का सोझा कविवर डा॰ अशोक द्विवेदी, डा॰ कमलेश राय आ डा॰ प्रकाश उदय अपना कवितन के सस्वर पाठ से भोजपुरी के वैविध्य भरल, जीवन्त आ प्रभावी कविता संसार से उपस्थित समुदाय के साक्षात्कार करवले.

एह संगोष्ठी में हिन्दी विभागाध्यक्ष डा॰ रतन कुमार पाण्डेय, डा॰ करुणा शंकर उपाध्याय, डा॰ सरिता बुधु आ रिटायर्ड मुख्य सचिव सतीश त्रिपाठी भोजपुरी साहित्य संस्कृति आ समाज के खासियत पर आपन विचार प्रकट कइले.

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