– आशुतोष कुमार सिंह

BiharDiwas2013मुम्बई में बिहार आ बिहारियन के चरचा अइले दिन होखत रहेला. बिहारी समुदाय का खिलाफ भाषणबाजी आ बयानबाजीओ होत रहेला. बाकिर पिछला 16 अप्रैल के षण्मुखानंद हॉल में बिहार दिवस के मौका पर जवन देखे सुने के मिलल उ बिहारी अस्मिता बुलंद करे वाला रहल. पिछला चार साल से बिहार फाउंडेशन मुम्बई में बिहार दिवस मनावत आइल बा. बाकिर अबकी का कार्यक्रम में जवन देखनी तवना का बाद एकरा बारे में लिखे से अपना के रोक नइखीं पावत.

ओह दिन लगभग तीन हजार लोग के भीड़ रहल. देख के हम दंग रह गइनी कि आखिर मुंबई जइसन अति व्यस्त महानगर में, आ उहो मंगल का दिने, अतना लोग चहुँप कहाँ से गइल. बाकिर अपना बिहार प्रेम का चलते लोग जुट आइल रहे. गया जिला के रहे वाला एहसान मलिक बतवले कि आज छुट्टी कर के आइल बाड़न एह कार्यक्रम में. कारण बतवलन कि एक त बिहार के कार्यक्रम ह, साथही सांस्कृतिक कार्यक्रम देखे के उत्साहो त बा.

जतना लोग चहूँपल रहल अधिकतर लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम देखे आइल रहे.

बिहार दिवस के ई कार्यक्रम दू सत्र में रहल.

पहिला सत्र में प्रोजेक्टर पर बिहार गीत देखावल गइल. बिहार फाउंडेशन के सीइओ दीपक कुमार सिंह आ चेयरमैन सुशील कुमार मोदी के विडियो संदेश देखावल गइल. प्रवासी बिहारियन ला बिहार सरकार के योजना का बारे में बतावल रहे सुशील मोदी के विडियो में. सरस्वती वंदना के संगे दिया जरा के कार्यक्रम क विधिवत शुरुआत भइल. विद्यापति रचित गीत के मराठी गायिका श्रुति भावे गा के कार्यक्रम आगे बढ़वली. अध्यक्षता कइलन केरल के राज्यपाल निखिल कुमार जे अपना अध्यक्षीय भाषण में बिहारी होखे पर गर्व जतावत कहलन कि ‘आपलोग मेहनत की रोटी खा रहे हैं, आपलोगों को किसी से डरने की जरूरत नहीं है. कानून का राज है.’ महाराष्ट्रियन के सराहत कहलन कि ई लोग बहुते अपनापन वाला ह.

एह सत्र में सीएनबीसी आवाज के एडिटर इन चीफ संजय पुगलिया आ वरिष्ठ पत्रकार फीरोज अशरफ के बिहार फाउंडेशन अवार्ड आ अब्दूल गनी सारंग (यूनियन लिडर शिपींग), अउर चंद्रकांत कोली (वरीष्ठ अधिकारी नवी मुंबई महानगर पालिका) के बिहार मित्र अवार्ड दिहल गइल. एह मौका पर वाइस एडमिरल शेखर सिन्हा (वेस्टन जोन), महिला-बाल विकास मंत्री वर्षा गायकवाड, सांसद एकनाथ गायकवाड, सरदार तारा सिंह (विधायक), सेबी के चेयरमैन यूके सिन्हा, देवेशचंद्र ठाकूर (पूर्व मंत्री बिहार सरकार) वगैरह उपस्थित रहलें.

पहिला सत्र पूरा भइला का बाद सभकर नज़र रहल सांस्कृतिक कार्यक्रम पर. शुरुआत मराठी नृत्य गोंधर से भइल. ओकरे बाद भोजपुरी-हिन्दी के जानल-मानल गायिका कल्पना भिखारी ठाकुर के रचना परोसली. गोंधर आ लावणी सभके दिल छू लिहलसि. बिहार फाउंडेशन के प्रवक्ता मनोज सिंह राजपुत के कहना रहल कि बिहार फाउंडेशन बिहार सरकार के इनिसिएटिव ह आ हमनी का भाईचारा में विश्वास करीलें. मुम्बई में बिहार के जे लोग बा ऊ अपना मेहनत से मुंबई संवारे में लागल बा आ एहमें मराठी मित्र लोगन के बड़हन योगदान बा. गोंधर आ लावणी नृत्य के बिहारी-मराठी समभाव के प्रतीक रूप में देखल जाय.

एह मौका पर पेंटागन ग्रुप गणेशा नृत्य परोसल जवन लाजवाब रहल. डेढ़ घंटा के एह सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंच पर जतना विविधता लउकल वइसन विविधता अबही ले एह मंच पर देखे के ना मिलल रहुवे. कार्यक्रम के सफलता के श्रेय अपना टीम के सगरी सदस्यन के देत बिहार फाउंडेशन, मुंबई चैप्टर के चेयरमैन रविशंकर श्रीवास्तव कहलन कि एह तरह के आयोजन का पीछे पूरा टीम के लगन आ समर्पण जरूरी होला आ हमहन के टीम एकरा के साँच साबित कर दिहलसि.

एह कार्यक्रम के एगो बढ़िया बात ई रहल कि महाराष्ट्र शासन के बाल विकास मंत्री वर्षा गायकवाड आ सांसद एकनाथ गायकवाड मंच पर अइबो कइलें आ अपना भाषण में बिहारियन के मेहनत आ मुंबई के विकास में ओहन के योगदान के जमके तारीफो कइलन. मुंबई से बिहारी-मराठी समभाव के जवन आवाज एह दिने उठल ओकरा बढ़िया असर आवे वाला दिन में देखे के जरूर मिली.

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