संसद में विचाराधीन सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम (न्याय एवं क्षतिपूर्ति) विधेयक 2011 के मसौदा सार्वजनिक कर दिहल गइल बा. एह मसौदा के पढ़ला से इहे लागत बा कि एकरा से हिन्दूवन पर अंकुश लगावे में सरकार के निरंकुश कर दिहल जाई. देश के संघीय ढाँचा के बरबाद कर दिहल जाई से उपर से.

एह विधेयक के भावना इहे बा कि सगरी सांप्रदायिक अपराध देश के बहुसंख्यक समाज, मतलब हिन्दूवन से बा, करेला आ ओकरा के दंडित करल जरुरी बा. अगर कवनो अल्पसंख्यक उहे अपराध करत बा त ओकरा के एह विधेयक में दोषी नइखे मानल गइल. एही चलते एह विधेयक के जम्मू काश्मीर में ना लगावल जाई काहे कि ओहिजा हिन्दू अल्पसंख्यक बाड़े !

समूह के व्याक्या करत ओकरा के धार्मिक भा भाषायी अल्पसंख्यक तक सीमित कर दिहल गइल बा. एह विधेयक में उहे बात अपराध होखी जवन कवनो समूह का खिलाफ जानबूझ के कइल जात बा. आ हिन्दू जब एह समूह में शामिले नइखन त उनुका खिलाफ होखे वाला कवनो आचरण अपराध ना मानल जाई एह विधेयक का अनुसार.

दोसरे केन्द्र सरकार के असीमित अधिकार मिल जाई कवनो राज्य के अधिकार समेटे के. अबही कानून व्यवस्था राज्य सरकार का अधीन बा बाकिर एह विधेयक का बाद केन्द्र सरकार जब चाहे एह अधिकार के अपना सकेले आ राज्य सरकार का खिलाफ कार्रवाई कर सकेले.

एह विधेयक के तहत जवन राष्ट्रीय प्राधिकरण बनी तवना में प्रावधान राखल गइल बा कि ओहमें हिन्दू कबो बहुमत में ना आ पावसु. सात सदस्य वाला प्राधिकरण में चार सदस्य ओही समूहन से होईहन जिनका के अल्पसंख्यक मानल जाला. एह प्राधिकरण का लगे आपन पुलिस बल आ जाँच एजेंसी होखी जे कवनो राज्य में, जम्मू काश्मीर छोड़ के, सीधे कार्रवाई कर सकी.

एह विधेयक के लागू भइला का बाद केन्द्र सरकार कवनो संदेश ईमेल टेली कम्यूनिकेशन के बाधित भा रोक सकेले. जेकरा पर आरोप लगावल जाई ओकरा के तबले दोषी मानल जाई जबले ऊ खुद अपना के निर्दोष साबित नइखे करा लेत. विधेयक के प्रावधान का मुताबिक लोक अभियोजक साँच के सहायता खातिर ना बलुक पीड़ित के सहायता खातिर काम करीहें. जे शिकायत करी ओकर नाम पता गुप्त राखल जाई आ केस के प्रगति का बारे में ओकरा के लगातार जानकारी दिहल जाई.

कुल मिला के एह विधेयक के एके गो मकसद बा देश में हिन्दूवन के जिनिगी नरक बना देबे के आ हिन्दू हित के बात करे वाला नेता के गलत सलत आरोपन में बझा के जेल के हवा खिआवे के. अब अगर ई विधेयक एही रुप में पारित हो जात बा त ओकर दोष देश के ओह सगरी नेता लोग पर आई जे हिन्दूवन का विरोधे के सेकूलर काम समुझेले. जइसन नेता ओसामा के त ओसामाजी कहेले बाकिर हिन्दू धर्म के साधु संतन का खिलाफ अपशब्द बोले में तनिको ना हिचकिचासु.

रउरा एह विधेयक के खुद पढ़ सकीलें. आ आपन शिकायत भा समर्थन दे सकीलें. हम नइखी जानत के देश के बहुसंख्यक हिन्दू समाज एहपर का सोचत बा. हिन्दूवन के गरियावे में सबले आगा आखिरकार हिन्दूवे त रहेले. देश के अधिकतर पार्टियन के नेता हिन्दूवे त बाड़े. अलग बाति बा कि देश के शासन हिन्दू विरोधी हाथन में बा.

विधेयक पर आपन राय देबे के आखिरी तारीख बा १० जून. एहसे देरी मत करीं.

रउरा आपन राय एह विधेयक के मसोदा बनावे वालन तक इमेल से भेज सकीलें
wgcvb@nac.nic.in

नीरज का एगो कविता के कुछ पंक्ति उद्धृत करीं त कह सकीले

बदतमीजी कर रहे हैं आज फिर भौंरे चमन में
साथियो, आँधी उठाने का जमाना आ गया है.

राउर,
सम्पादक, अँजोरिया

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