चुनाव चर्चा

posted on 03-01-08.

काल्हु दू गो संसदीय सीट के उपचुनाव के परिणाम आइल. यूपी के बलिया में मुलायम के पार्टी सपा का टिकट पर लड़ल चन्द्रशेखर के बेटा नीरज शेखर बसपा के विनयशंकर तिवारी के एक लाख तीस हजार वोट से हरा के जीत गइलन. भाजपा आ कांग्रेस के जमानत जब्त हो गइल. बिहार के विक्रमगंज सीट जदयू के खाता में गइल जहवां से मीना सिंह राजद के अशोक कुशवाहा के तीस हजार वोट से हरऽवली.

कहे वाला लोग कह सकेला कि दुनू जगहा सहानुभूति लहर चलल. बलिया में त चन्द्रशेखरो अतना वोट से ना जीतल रहन जतना वोट से नीरज जीतलन. मायावती कवनो उपाय बाकी ना छोड़ले रही बाकिर बागी बलिया पर उनुकर माया ना काम कइलसि.

बलिया आ बिक्रमगंज संसदीय उपचुनाव २००७

posted on 02-01-08.

बिक्रमगंज आ बलिया के चुनाव परिणाम आजु घोषित होखे वाला बा. तबले देखल जाव कि पिछला चुनाव में केकरा कतना वोट मिलल रहे.

बिक्रमगंज

जदयू के अजीत सिंह ३,०५, ३९२ वोट पा के जीतल रहन.

राजद के रामप्रसाद सिंह २, ४६, ५९१ वोट लेके दूसरा जगहा पर रहलन.

बसपा के ५२,७५४ वोट मिलल रहे जबकि माले के ८५,९७३ वोट.

बाद में अजीत सिंह के मृत्यु गोपालगंज में एगो सड़क दुर्घटना में हो गइल रहे. अबकि बारी उनकर विधवा मीना सिंह जदयू के उम्मीदवार बाड़ी.

बलिया

सजपा के चन्द्रशेखर के २,७०,१३६ वोट मिलल रहे. सपा उनकर समर्थन कइले रहे.

बसपा के कपिलदेव यादव १,८९,०८२ वोट पा के दूसरा जगहा पर रहलन.

तीसरा जगह भाजपा के परमानन्द तिवारी के मिलल रहे जे १,०९,४९९ वोट पवले रहन.

बाद में खराब स्वास्थ्य का चलते पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के निधन का बाद अब उनकर छोटका बेटा नीरज शेखर सपा का टिकट पर लड़ल बाड़न आ सजपा सपोर्ट कइले बा.

भाजपा के परमानन्द तिवारी पहिले सपा में गइलन फेर आजुकाल्हु बसपा का संगे बाड़न.

बसपा से विनयशंकर तिवारी लड़ल बाड़न जे गोरखपुर के हरिशंकर तिवारी के बेटा हउवन.

हिमाचल प्रदेश चुनाव परिणाम

posted on 28-12-07.

कुल सीट = 68 चुनाव भइल = 68 परिणाम= 68

भाजपा = 41 | कांग्रेस = 23 | अन्य = 4

गुजरात चुनाव परिणाम

posted on 23-12-07.

कुल सीट = 182 चुनाव भइल = 182 परिणाम= 182

भाजपा = 117 | कांग्रेस = 62 | अन्य = 3

चुनाव आयोग के फैसला

Old story in new context.

एगो पुरान कहानी आजु फेर इयाद पड़ गइल बा. ओकरा के नया संदर्भ में पेश कर रहल बानीं.

चुनाव आयोग का लगे तीन गो नेता का खिलाफ पंचायत चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन करे के मामिला आइल. तीनो के जुर्म करीब करीब बरोबरे रहुवे. तीनो के इतिहास के बारे में, दल के बारे में पूछ ताछ करि के जानकारी ले के चुनाव आयोग फैसला कर दिहलसि

पहिलका के कहलसि - धत् रउरो अइसनका काम कर दीहनीं?

दूसरका के बारे में कहलसि - एकरा के मंच पर खड़ा करिके जनता का सोझा डाँटल जाव.

तीसरका के कहलसि - तोरा बारे में बूझाते नइखे कि का करीं. कवनो सजाय देम तोरा पर त कवनो असरे ना होखी. तबो तोरा के जूता मारत भर गाँव में घुमावे के आदेश दिहल जात बा.

जनता में अचरज फइल गइल. एके अपराध के तीन तरह के सजाय. इ त सरासर अन्याय बा, पक्षपात बा. बाकिर चुनाव आयोग चुप रह गइल.

रात में पहिलका नेता जहर खाके मर गइल.

डाँट सुनला के बाद दोसरका नेता गाँव छोड़ के चल गइल.

तीसरका के जूता मारत जब गाँव में घुमावल जात रहुवे त अपना घर का सामने चहुँपते ऊ अपना मेहरारू के कहलसि - खाना परोस के रखिहे अब दूइए गो घर बाकी बा!

बा अब केहू अतना इज्जतगर नेता? अब त जूता खाइओ के धूरि झारत हें हें करत रहे वाला नेतवन के जमाना आ गइल बा.

बलिया संसदीय उपचुनाव

बलिया संसदीय उपचुनाव में जातिवाद के खेल खुलमखुल्ला खेलल जा रहल बा. सरकारी पार्टी के लोग नामे ध दिहले बा बन्दूक सन्दूक पार्टी. संघर्ष धीरे धीरे चौकोनिया से तिकोनिया होखल जा रहल बा. कांग्रेस के उम्मीदवार पाछा पड़ल जात बाड़न. भाजपा अबहीं मैदान से बहरी नइखे भइल. बाकिर असल खेल बसपा आ सपा का बीच हो रहल बा. दुनू पार्टीअन खातिर ई नाक के सवाल बन गइल बा. बसपा के लोग सपा उम्मीदवार के पारिवारिक झगड़ा के हवाला देके कहत बा लोग कि जे अपना घर के झगड़ा नइखे सम्हार पावत ऊ जनता के समस्या का सम्हारी. दोसरा तरफ लोग कहत बा कि अतना दिन से गोरखपुर के जे ना सँवार सकल ऊ बलिया के का सँवारी?

बलिया के लोग अइसनका बिजली कबहूँ ना देखले रहे लोग. चन्द्रशेखरो का जमाना में अतना बिजली अतना दिन ले लगातार ना मिलल रहे. जनता के याददाश्त कमजोर होला. एह उम्मीद में बसपा सोचत बा कि जनता कम से कम बिजली के संकट के रोना ना रोई.

सपा उम्मीदवार नीरज शेखर के बड़ भाई पंकज शेखर बलिया नइखन आवत. उनका नीरज से नाराजगी चलला के खबर अखबारन में छपत बा. नीरज पूरा कोशिश में बाड़न कि एको दिन खातिर बड़ भाई आ जासु.

चुनाव प्रचार में पक्षपात का आरोपका चलते दू गो थानाधिकारी के तबादला कर दिहल गइल. एगो के ससपेण्ड. नरहीं आ गड़वार थाना के थानाधिकारीअन के तबादला भइल बा त रामआसरे भारती के ससपेण्ड. एस पी के पहलहीं बदलल जा चुकल बा.

बलिया के ब्राह्मण नेता एकएक करिके बसपा का पाला में चलल जात बा लोग. बसपा के उम्मीदवार विनयशंकर तिवारी बाड़न.

अठाईस जगहा बैरिअर लगा के पुलिस गाड़िअन के जाँच पड़ताल कर रहल बा जेहसे कि चुनाव में गड़बड़ी ना फइले.

हिमाचल प्रदेश चुनाव पर एक नजर.....

Himachal Pradesh Election clippings...posted on 20 - 12 - 2007

काल्हु हिमाचलप्रदेश के विधानसभा चुनाव के दूसरका आ आखिरी चरण के मतदान हो गइल. सड़सठ फीसदी लोग आपन वोट डालल. गुजरात का तुलना में हिमाचल के चुनाव के चर्चा कम भइल. कवनो एक्जिट पोल भी ना भइल. बूझात बा सब केहू मान के बइठल बा कि भाजपा जीती. कांग्रेस पार्टी अपना १४ गो नेता के पार्टी विरोधी काम करे का चलते निकाल दिहलसि.

11 - 12 - 2007

बाजपेयी गुजरात खातिर अपील ना जारी कइलन बाकिर हिमाचल प्रदेश खातिर जारी कर दिहलन. ऊ हिमाचल के लोग से भाजपा के जितावे के निहोरा कइले बाड़न. गुजरात में मोदी से कवनो नाराजगी होखी शायद, भा केहू इयाद ना दिअवले होखी. वइसे गुजरात में मोदी का नाम पर आ काम चुनाव लड़ल जा रहल बा. जीतलन त मोदी हरलन त मोदी!

सेव उत्पादकन के मजबूत पकड़.

उपरी हिमाचल आ निचली हिमाचल के भेदभाव.

शान्ता कुमार कि धूमल?

धूमल कि शान्ता कुमार?

कांग्रेस कि बसपा?

के जानत बा?

एह छोट राज्य के बारे में सोचत अधिका लोग सुखराम के इयाद करेला, मनाली, कुल्लू, आ शिमला से चिन्हेला.

गुजरात का सोझा हिमाचल अपना शान्त सुभाव का चलते अलोत जइसन हो गइल बा. सभकर धेयान गुजरात खींच लिहले बा.


गुजरात चुनाव पर एक नजर.....

Gujrat Election clippings....

का सोहराबुद्दीन सोहराबुद्दीन जपले बाड़ लोग. का रिश्ता बा ओकरा से तहरा लोगिन के? अतना हालि गाँधी जी के नाम लिहले रहितऽ लोग त अबले पवित्तर हो गइल रहतऽ लोग!

कांग्रेसियन पर नरेन्द्र मोदी के टिप्पणी

11 - 12 - 2007

बाजपेयी गुजरात खातिर अपील ना जारी कइलन बाकिर हिमाचल प्रदेश खातिर जारी कर दिहलन. ऊ हिमाचल के लोग से भाजपा के जितावे के निहोरा कइले बाड़न. गुजरात में मोदी से कवनो नाराजगी होखी शायद, भा केहू इयाद ना दिअवले होखी. वइसे गुजरात में मोदी का नाम पर आ काम चुनाव लड़ल जा रहल बा. जीतलन त मोदी हरलन त मोदी!

10 - 12 - 2007

पहिले सोनिया शुरु कइली नरेन्द्र मोदी के मौत के सौदागर कहि के. फेर दिग्गी राजा कहलन कि गुजरात में हिन्दू आतंकी बाड़न. भाजपा शिकायत कइलस. आयोग चुप रहल. फेर नरेन्द्र मोदी सोहराबुद्दीन बनाम अफजल के नमूना के जिक्र कइलन. आसमान फाट गइल. चारो ओर हुँआ हुँआ होखे लागल. आयोग चट से जवाब माँग दिहलसि.

अब मउका हाथे लागल नरेन्द्र मोदी के. कहलन कि जब हमरा के पिनकाई लोग त हमरा माकूल जवाब देबहीं के पड़ी. दोसरे हम आतंकी के जिक्र कइनी, ओकरा धरम के ना. अब सेकुलर मीडिया ओह बाति के धरम से जोड़ दिहलसि त हम का करीं? पूरा भाषण के सीडी भेज दिहलन. इहो कहलन कि सोनिया आ दिग्विजय सिंह के खिलाफ उनका शिकायत पर आयोग का कइलस?

अब सोनिया से आ दिग्गी राजा से जवाब मंगाइल बा.

पूरा बहस में एगो खास बाति! टोन्टींग खूब होत बा बा बाकिर अतना धेयान राख के कि छद्म धर्मनिरपेक्षता के आरोप मत लागो. कांग्रेस खुल के गोधरा दंगा के जिकिर करे से बाँचत बा. ओकरा डर बा कि कहीं हिन्दू वोट एकवट मति जाव!

पहिलका हाली ई बाति देखे के मिलत बा. काश हिन्दू वोट में एकवटे के ताकत आ जाइत!


मोदी मोदी आ बस मोदी

गुजरात के चुनाव में सबकुछ पाछा छूट गइल बा. ना हिन्दुत्व, ना सेकुलरिज्म, ना भाजपा, ना काग्रेस. कुछउ मुद्दा नइखे. जे बा से बस नरेन्द्र मोदी.

मोदी का एक एक बयान पर, एक एक डेग पर दुश्मनन के नजर लागल बा. तनिको लड़खड़िइलें त जूझ पड़िहें स गिद्ध लेखा!

जनता के अदालत से ले के कानून के अदालत तक हर जगहा नरेन्द्र मोदी के पछाड़े के कोशिश हो रहल. देखीं का होखत बा?

सोनिया गाँधी कहली कि गुजरात मौत का सौदागरन का कब्जा में बा.

मनमोहन सिंह कहत बाड़न कि गुजरात में लोग भगवान भरोसे जियत बा.

चुनाव आयोग मोदी से उनका भाषण के सफाई मांगत बा बाकिर बाकी लोग का भाषण से ओकरा कवनो शिकायत नइखे.

सोहराबुद्दीन के खून के जवाब मांगल जात बा, अफजल के नामो लेबे से परहेज राखल जात बा.

हार जइहन त देश जीत जाई. जीत गइलन त साम्प्रदायिकता!

हिन्दूत्व के गरियावल सेकुलरिज्म, केहू कवनो आतंकी के गरिया देव त कम्यूनलिज्म!

राम का अस्तित्व पर सवाल उठावल देशहित के बाति, राम खातिर आवाज उठावल साम्प्रदायिकता! कबले अइसन अनाचार चली?