बहुत जल्दिये बिहार के जनता चुन्नू सिंगापुरी के स्टेज शो बिहार के हर जिला में देखी. भोजपुरी सोसायटी ऑफ़ सिंगापूर के संस्थापक, भोजपुरिया माटी आ संस्कार अउर संस्कृति के आत्मसात करेवाला चुन्नू सिंगापुरी अब बिहार टूर का तइयारी में जुट गइल बाड़न. उनुकर पैतृक निवास उत्तर प्रदेश के देवरिया में होखला का चलते जबहिये उनुका अपना बिजनेस से थोडिका समय मिलेला त तुरते ऊ भोजपुरी समाज खातिर कुछ ना कुछ करे लागेलन. एकरे नतीजा ह कि आजु पूरा सिंगापूर भोजपुरी समाज का बारे में जाने लागल बा.

सिंगापूर का अलावा अउरियो कई देशन में जहां भोजपुरिया भाई रहेलन ओहिजा जा जा के रैप शो करत अंगरेजी आ भोजपुरी में पारम्परिक गीत गावे का साथही सगरी भोजपुरिया नाच प्रस्तुत करेले. एह नाचन में अहिरउआ नाच, धोबियउआ नाच, कहरउआ नाच, पसियउवा नाच, गोडऊ नाच आ अउरी अनेके तरह के भोजपुरिया नाच शामिल रहेला. ऊ एकही सन्देश हमेशा दोहरावत रहेलन – “भोजपुरी हउवे हमनी के माई ए भाई, एकर लजिया तू रखिह बचाई ए भाई”

एगो सवाल का जवाब में ऊ कहलन कि, “हमार मकसद बावे भोजपुरिया संस्कार आ संस्कृति के जन जन तक चहुँपावे के. जेहेस कि भोजपुरी के नाम पर नाक भौ सिकोड़े वाला लोगो जानो कि हमनी के भारत देश के असल पहचान त भोजपुरिये संस्कृति आ संस्कार में रचल बसल बा, कहलन कि अपना आवे वाली फिलिम “चुन्नू बाबू सिंगापुरी” ओही सोचावट के लोगन ले चहुँपावे के काम करी. कोशिश कइले बाड़न कि दर्शक अब नीमन फिलिम देखसु आ घर परिवार का साथे देखसु. काहे कि जब महिला वर्ग फिलिम देखे सिनेमा हॉल ले ना आई त चाहे करोड़ों रूपिया खरच करि के फिलिम बनावल जात रहे, सिनेमा भोजपुरी के काया कल्प नइखे होखे वाला.


(अपना न्यूज के रपट से)

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