JirendraYadavआज के त चलन बन गइल बा भोजपुरी में कि पहिले गायक आ फेर नायक. का रउरो अभिनय का मेदान में एही राहे अइनी ?
– ना, बिल्कुल ना. हम भारतेन्दु नाट्य अकादमी (लखनउ) से अभिनय के प्रशिक्षण लिहनी. ओहिजे हमार भेंट डायरेक्टर रविकांत जी से भइल जे हमरा के अपना फिलिम “बिगुल” के नायक ला चुन लिहनी.

सिनेमा भोजपुरी में अभिनय में आपन कइसन भविष्य देखत बानी ?
– अभिनय के परिभाषा त होले बाकिर भाषा ना. अभिनय तो चार्ली के मूक अभिनयो में रहल. रउरो समुझ सकीलें कि अभिनय भाषा पर निर्भर ना होके. एहसे जबले हम अपना अभिनय से न्याय करत रहब तबले हमार भविष्य सुरक्षित बा.

बिगुल में अपना किरदार क बारे में कुछ बताईं.
– नमन फिल्म्स के “बिगुल” में हम सोनू नामके मज़दूर बनल बानी जेकरा बाप क जमीन भूमाफिया हथिया लिहले बाड़ें. हालात का मजबूरी से सोनू के मुंबई में रिक्शा चलावे आवे पड़त बा अपना बापे का जमीन पर बनल फैक्टरी में मजदूरी करे पड़त बा.

अच्छा यादव जी, शूटिंग के कवनो वाकया बा जवन रउरा बतावल चाहब ?
– हँ. जब हमनी का घूरपूर इलाहाबाद में यमुना नदी के बीच में बनल सुजामन देव के मंदिर पर शूटिंग करत रहीं त एक बेर मधुमाछियन के झुण्ड यूनिट पर जबरदस्त हमला कर दिहलसि. कई लोग के हॉस्पीटल में भरती करावे के पड़ल रहुवे.

आज क जमाना में का साफ सुथर फिलिम निकहा बिजनेस ना कर पावेली सँ ?
– करेली सँ. बिल्कुले करेली सँ आ ओह फिलिमन से अधिका जवन फूहड़पन आ दुअर्थी गीतन आ संवादन के हद पार करे वाली फिलिमन के होला.

आपके आदर्श के हऽ?
– रवि जी, जेहीसे हमरा कुछ सीखे के मिलेला उहे हमार आदर्श होला. हम त इहे मानीलें कि आदमी के आदर्श उहे होला जे राह देखावे.

पाठकन ला कवनो सनेस ?
– हम आप सभ का हिरदा में जगह मागत बानी अपना अभिनय के बल पर. जइसे आपके नेह हमरा के रंगमंच से सिल्वर स्क्रीन पर ले आइल ओइसने नेह हमरा मिलत रहे राउर.


(संजय भूषण पटियाला)

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