दास कबीर जतन से ओढ़ी जस की तस धर दीन्हि चदरिया

समयाभाव का चलते तय कइल गइल बा कि फिल्म से जुड़ल खबर जल्दी से रउरा सभ का सोझा परोसे खातिर अनुवाद में लागे वाला समय से बाचल जाव.
एह चलते अब से फिल्म से जुड़ल खबर