निर्माता नवीन कुमार सिंह के अजय कुमार निर्देशित नइकी फिल्म हवे ‘पागल प्रेमी’. वइसे त नवीन कुमार का बर्बिल (उड़ीसा) में आयरन के बिजनेस बावे, लेकिन शुरुए से कला आ फिल्मी रुझान उनुका के फिल्म निर्माण में खींच ले आइल. निर्देशक अजय कुमार का साथे मिलके एगो नया सोच का साथ एगो बढ़िया कहानी पर काम कइलन आ फेर ओह कल्पना के मूर्त रूप देत सेल्युलाइड पर उतार दिहलन ‘पागल प्रेमी’ बना के. एह फिल्म के मुख्य विषय का बा, कवना तरह के फिलिम हवे, बतौर निर्माता का अनुभव भइल आ अइसने कुछ सवालन के जबाब आईं उनुके से सुनल जाव.

नवीन कुमार जी, आपके फिल्म ‘पागल प्रेमी’ के कहानी का ह ?
ई एगो अइसन इंसान के कहानी हवे जे आजु का हालात आ अपना मजबूरी का चलते भठियरा सिस्टम में अझूरा के एगो बाहुबली खातिर काम करे लागत बा. ओकरा जिनिगी में एगो अइसन लड़की आवत बिया जेकरा से ओकरा बेहद प्यार हो जात बा आ जब ऊलड़की ओकरा नइखे मिलत त कवना तरह के हालात बनत बा इहे एहमें खास कर के देखावल गइल बा. वइसे ई दू गो नायकन के कहानी हवे. संजय पाण्डेय एहमें मुख्य विलेन हउवे जे एगो दबंग बिजनेसमैन का किरदार में बाड़े. ओह बिजनेसमैन का इलाका में ओकर एकछत्र राज चलेला. फिलिम में प्यार के अलग अलग रिश्तन का जरिये रेघरियावल गइल बा. एहमें भोजपुरी इलाका के रीति-रिवाज आ संस्कारो देखावल गइल बा. एहमें एगो नौटंकी गीतो बा जवना के बहुते साफ-सुथर तरीका से फिल्मावल गइल बा. कम शब्द में कहीं त ई एगो बढ़िया पारिवारिक फिलिम हवे जवना के सगरी दर्शक पसन्द करीहें

एह फिल्म की शूटिंग कहवाँ कहवाँ भइल बा आ कतना काम हो चुकल बा ?
करीब करीब पंचानबे फीसदी शूटिंग छत्तीसगढ़ के रायपुर में करावल जा चुकल बा. बाकी के शूटिंग जल्दिये मुंबई में कइल जाई. रायपुर में शूटिंग कइला के कारण ई रहे कि ओहिजा हमरा अपना पिता राघव सिंह जी का साथे शेषनाथ जी आ दोसरो पारिवारिक सदस्यन के भरपूर सहयोग मिलल, लोकेशन के सुविधा त रहबे कइल.

आयरन के बिजनेस से फिल्म निर्माण में कइसे आइल भइल ?
जी हँ, उड़ीसा के बर्बिल में हमार आयरन के बिजनेस बावे, लेकिन शुरुवे से कला आ फिलिमन के तरफ रुझान रहल. पिछला तीन चार साल से हम फिल्म निर्माण खातिर गंभीर रहनी आ एगो नीमन टीम आ बढ़िया कहानी का तलाश में रहनी. फेर जब मुंबई अइनी त निर्देशक अजय कुमार जी से भेंट भइल आ उनुका से हमार ट्यूनिंग जम गइल. तब हम आ अजय जी एगो सब्जेक्ट पर काम करे लगनी. अजय जी एकर पटकथा आ निर्देशन के जिम्मेदारी सम्हरलन आ कलाकारन के चुन के शूटिंग शुरु कर दिहले. खास तौर पर कहल चाहब कि विनय आनंद जी, अजीत आनंद, संगीता तिवारी, श्रीकनकनी आ संजय पाण्डेय जी वगैरह सगरी कलाकार एहमें बहुते बढ़िया काम कइले बाड़े. अजय कुमार जी त एगो काबिल आ प्रतिभाशाली निर्देशक हइये हईं आ एह फिल्म के एगो अनोखा अन्दाज में फिल्मवले बानी.

इंडस्ट्री में आपके का अनुभव रहल ?
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री बढ़िया जगह हवे. लोग अपना काम खातिर ईमानदार आ लगनशील बा आ हमरा कवनो खराब अनुभव ना मिलल.

आगे के का प्लानिंग बा आपके ?
देखीं, प्लानिंग त ढेरे बा, लेकिन फिलहाल पूरा ध्यान सिर्फ ‘पागल प्रेमी’ पर बावे. एकरा रिलीज होखला का बादे दोसरा तरफ ध्यान दे सकब. वइसे हमार कोशिश रही कि भोजपुरी संस्कार, रीति-रिवाजन से भरपूर नीमन आ स्वस्थ मनोरंजन वाली फिलिम बनाईं. यदि ईश्वर कृपा आ दर्शकन के प्यार मिलल त हम अपना मकसद में जरूरे कामयाब रहब.


(शशिकांत सिंह के रपट से)

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