अबले पचासन भोजपुरी फिलिमन में काम कर चुकल सुपरस्टार विनय आनंद के आवे वाला दिनन में ‘एलान-ए-जंग’, ‘आज का दबंग दामाद’, ‘दामाद चाही फोकट में’, ‘तुलसी बिन सूना अंगनवा’, ‘काली’, ‘हमरा नावें जिला हिलेला’, ‘चुनरी संभाल गोरी’, ‘कजरा मोहब्बत वाला’, ‘खूनी दंगल’ अउर ‘पागल प्रेमी’ जइसन लगभग दर्जन भर फिलिम रिलीज होखे वाली बाड़ी सँ. एहमें सबले पहिले रिलीज होखेवाली बिया निर्माता नवीन कुमार सिंह आ निर्देशक अजय कुमार के ‘पागल प्रेमी’. सविताश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनल एह फिल्म का बारे में आ कुछ अउरी सवाल ले के विनय आनन्द से भइल बातचीत के कुछ अंश एहिजा पेश बा :

विनय आनंद जी, जल्दिये रिलिज होखे जात ‘पागल प्रेमी’ के बहुते चरचा चलत बा. आखिर कइसन फिलिम बावे ई ‘पागल प्रेमी’ आ एहमें आपके भूमिका का बा?
देखीं, ‘पागल प्रेमी में ऊ सबकुछ बा जवन भोजपुरिया दर्शक देखल चाहेलें. हम एहमें एगो प्रेमी के भुमिका में बानी जे अपना जीवन में आइल एगो लड़िकी से बेहद प्यार करे लागत बा. संजोग से ऊ लड़िकी ओकरा नइखे मिलत त कुछ अजबे हालात बनत बा जवना के एहमें देखावल गइल बा. फिल्म में हमरा साथ अजीत आनंद, संगीता तिवारी आ श्री कंकानी ओ बाड़ी आ सबही आपन किरदार बढ़िया से कइले बा. मुख्य खलनायक संजय पाँडे बाड़े जे अपना खलनायकी के लाजवाब जलवा बिखेरले बाड़न.

पागल प्रेमी से आपके कतना उम्मीद बा ?
देखीं. हम अपना सगरी फिलिमन ला ईमानदारी से मेहनत करीलें आ ‘पागल प्रेमी’ ला हमही ना बलुक फिलिम के पूरा टीमें इहे कहत बा. एहसे हम चाहत बानी कि ‘पागल प्रेमी’ के ज्यादा दर्शक देखसु आ ई फिल्म सुपर-डुपर हिट हो जाव. वइसे ई बनल बहुत बढ़िया बिया आ पूरा उमेद बा कि दर्शक एकरा के सफलो बनइहे.

निर्माता नवीन कुमार सिंह आ निर्देशक अजय कुमार क साथे काम करे के अनुभव कइसन रहल ?
लाजवाब…! हम त कहल चाहब कि एकरा प्रदर्शन का बाद नवीन कुमार सिंह जी के नाम भेजपुरी इंडस्ट्री के बड़का निर्मातन में शुमार होखे लागी आ अजय कुमारो जी भोजपुरी के प्रमुख निर्देशक में गिनाए लगीहें. निर्माता कवनो कोर कसर ना छोड़ले त निर्देशको जुनून से काम कइले बाड़न.

हिन्दी फिलिमन से अपना कैरियर के शुरुआत कइला का बाद भोजपुरी में कइसे अइनी ?
भई! भोजपुरी से त हमार बहुते पुरान नाता हवे काहे कि हमार ननिहाल बनारस ह. वसे हम कलाकार हईं आ जहवें बढ़िया काम मिली हम कर सकीलें. हँ एहमें हमरा पत्नी के सहयोग जरूर रहल काहे कि जब निर्माता नवीन अग्रवाल आ निर्देशक रंजन कुमार सिंह के फिल्म ‘तोहसे प्यार बा’ क ऑफर हमरा मिलल त उहे हमार हौसला बढ़वली आ कहली कि हमरा बेहिचक भोजपुरी फिलिम करे के चाहीं. ‘तोहसे प्यार बा’ हमार पहिला भोजपुरी फिल्म रहल आ ओकरा बाद त पाछा मुड़ के देखे के फुरसते ना मिलल.

आपके मामा गोविंदा जी कतना सहयोग दिहले ?
इचिकी बरोबर. जी हँ काम दिआवे में मामा से कवनो सहयोग ना मिलल ना हम कबो उनुका से सहयोग मँगनी. हँ अतना जरूर बा कि हम मामा किहें पलाइल बानी आ उनुकर चेला बन के रहल बानी. एहसे उनुका से सीखे के बहुत कुछ मिलल. हम त कहबकि उनुका साथे कुछ फिलिमन में काम करे के मौका मिलल आ हमरा ला इहे बड़हन बाति बा.

आपके आवे वाली फिलिमन कवन बाड़ी सँ ?
एक त ‘पागल प्रेमी’ ए बा जवन जल्दिए रिलीज होखे वाली बा. एकरा अलावे ‘एलान-ए-जंग’, ‘आज का दबांग दामाद’, ‘दामाद चाही फोकट मे, ‘तुलसी बिन सूना अंगनवा’, ‘गुलाब थिएटर’, ‘काली’, ‘हमारा नावें जिला हिलेला’, ‘चुनरी संभाल गोरी’, ‘विनय भइया कइलस कमाल’, ‘कजरा मोहब्बत वाला’ अउर‘खूनी दंगल’ फिलिम एक का बाद एक रिलीज होखत जइहें सँ.


(शशिकांत सिंह रंजन सिंहा के रपट)

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