भोजपुरी इंडस्ट्री में अनेके लोग भेंटा जाई जिनकर कैरियर के शुरूआत त हिंदी फिलिमन से भइल बाकिर आजु भोजपुरी इंडस्ट्री के चहेता बनल बाड़े. एही में से एगो निर्देशक हउवन अजय कुमार. पटना (बिहार) के रहेवाला अजय कुमार जब साल 2002 में मुंबई अइले त डायरेक्टर अजय मेहरा के एसोसिएट बनि के कई हिन्दी फिलिमन आ सीरियलन खातिर काम कइलन. चूंकि अजय कुमार भोजपुरी भाषी हउवें से बाद में उनुकर झुकाव भोजपुरी सिनेमा ओर भइल. अबले अनेके भोजपुरी फिलिमन खातिर चीफ असिस्टेंट भा एसोसिएट डायरेक्टर बनके काम कर चुकल अजय कुमार के हाल-फिलहाल बतौर निर्देशक ‘यादव पान भंडार’ आ ‘पागल प्रेमी’ नाम के दू गो फिलिम प्रदर्शन खातिर तइयार बाड़ी सँ. पिछला दिने अजय कुमार से फिल्म ‘पागल प्रेमी’ का बारे में विस्तार से भइल बातचीत के कुछ खास हिस्सा एहिजा पेश बा

अजय कुमार जी, सबले पहिले फिल्म ‘पागल प्रेमी’ का बारे में कुछ बताईं ?
देखीं, फिल्म ‘पागल प्रेमी’ के पूरा कहानी त एहिजा बता पावल संभव नइखे बाकिर संक्षेप में अतने कहब कि एकर हीरो केहू के इशारा पर अपराध करत बा. कहानी के एगो मोड़ पर ओकरा जिनिगी में एगो लड़ीकी आवत बिया त ओकरा खातिर हीरो का मन में प्यार जाग जात बा, अब ऊ लड़िकी हीरो के मिलत बिया कि ना से ना बतायब.

‘पागल प्रेमी’ में विनय आनंद, संगीता तिवारी, अजीत आनंद, श्री कनकनी आ संजय पाण्डेय के मजगर भूमिका बा. एह कलाकारन का साथे काम करे के अनुभव कइसन रहल?
जी, बहुते बढ़िया! फिल्म के सगरी कलाकार ना सिरिफ आपन पूरा सहयोग दिहले, बलुक सभे बेहतरीन अभिनयो कइले बा जवन दर्शकन के परदा पर लउकबो करी. वइसे कहीं त विनय जी का साथे बतौर निर्देशक ई हमार पहिला फिलिम हवे बाकिर एहसे पहिले हम उनुका साथ बतौर एसोसिएट डायरेक्टर फिल्म ‘बृजवा’ में काम कर चुकल बानी, एहसे ‘पागल प्रेमी’ में उनुका साथे काम करे में अधिका मजा आइल.

निर्माता नवीन कुमार सिंह का बारे में का कहना बा राउर?
बस, इहे कि हम खुशनसीब बानी जे हमार भेंट नवीन कुमार सिंह जी जइसन निर्माता से भइल आ अपना परम मित्र विकास सिंह ‘वीरप्पन’ के धन्यवाद देत बानी जे ई भेंट करवले. हम चाहब कि नवीन जी जइसन बहुते निर्माता इंडस्ट्री में आवसु जेहसे निर्देशकन के मनोबल बढ़े आ ऊ अपना तरीका से फिलिम बना सकें. नवीन जी हर दिशाईं हमरा के सहयोग दिहनी.

‘पागल प्रेमी’ के गीत-संगीत से कतना उमेद बा रउरा?
सिरिफ उमेदे ना, बलुक पूरा भरोसा बा कि एकर गीत-संगीत लोग के बहुते पसन्द आई काहे कि राजेश मिश्रा, फणींद्र राव आ कृष्णा बेदर्दी एकरा खातिर एकसेबढ़ के एक गीत लिखले बाड़न जिनका के राजेश गुप्ता बेहतरीन धुन से सजवले बाड़न. यकीन मानीं, फिलिम के गीत संगीत में बहुते दम बा.

भोजपुरी फिलिमन के फूहड़पन खातिर दूसल जाला. राउर ‘पागल प्रेमी’ कतना फरका बा ?
देखीं, ‘पागल प्रेमी’ एगो समहर पारिवारिक फिलिम हवे आ एकर निर्देशक होखला का चलते हम कह सकीलें कि पूरा परिवार संगे बइठल एह फिलिम के देख सकेला. वइसे फैसला त दर्शके करीहें.

अउरी कवन कवन फिलिम रउरा लगे बावे?
‘पागल प्रेमी’ का अलावे ‘यादव पान भंडार’ प्रदर्शन खातिर तइयार बा, जीतेश दुबे जी के एगो फिल्म ‘मुन्नी बदनाम भईल सईयां तोहरे खातिर’ निर्देशित करे हात बानी. नवीने जी के कुछ अउरी फिलिम बाड़ी सँ जवना पर काम लागल बा.


(शशिकांत सिंह रंजन सिन्हा के रपट से)

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