इलाहाबाद में संगम तीरे माघ महीना में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र का ओर से आयोजित कार्यक्रम में ‘चलो मन गंगा यमुना तीर’ में कलाकार श्रद्धालुअन के लोक संस्कृति के दीदार करवले. भजन गायक मनोज तिवारी अपना सुरीला तान से भक्ति के साथ लोग में जोश भर दिहले. ब्रज के होरी आ लावणी नृत्य से दर्शक अइसन मोहइले कि देर राति ले ओही में भुलाइल रहले. परेड ग्राउंड पर बनल सांस्कृतिक केंद्र के भव्य पंडाल में बियफे का दिने नृत्य आ गवनई के सिलसिला देर राति ले चलत रहल.

मनोज तिवारी अपना गीत “तोहरे दुअरिया पर आइल बलकवा, बचा लीहऽ हे भोले बाबा” आ “गंगा यमुना के निर्मल पानी निर्मल होत शरीर चलो रे मन गंगा यमुना के तीर” से भक्ति के रंग घोर दिहले त “अस्सी से कइली बीए बचवा हमार कम्पटीशन दे ता”, “ऊपर वाली के चक्कर में लइका खूब पिटाइल बा” अउर “मन के पंक्षी बड़ा मतवाला” से सभका के गदगद कर दिहले.

एकरा पहिले ओम प्रकाश शर्मा शहनाई के मोहक वादन आ अपना सुरीली तान से बनारस के होरी के बखान कइले. आ अनमोल खत्री अपना भजनन से सुनेवालन के रिझवलन. नेहा कसौटिया भवई नृत्य के प्रस्तुति दिहली त मुरारी लाल तिवारी के झुण्ड अपना “ब्रज की होली” से सभका के मोह लिहले. महाराष्ट्र के लावणी आ पंजाब के भांगड़ा नृत्यो देखेवालन में उमंग आ उत्साह भर दिहलसि.

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अशोक भूषण कार्यक्रम के शुभारम्भ कइले. न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय कलाकारन के प्रस्तुति के खूबे सरहले. सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक आनंदवर्धन शुक्ल अतिथियन के स्वागत कइले. कार्यक्रम में ऊषा लाल, डॉ. लालता प्रसाद द्विवेदी, डॉ. कृष्णानंद पांडेय वगैरह लोगो शामिल भइल.


(शशिकांत सिंह के भेजल रपट)

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