ऐतिहासिक थावे दुर्गा मंदिर के नियरा होमगार्ड मैदान में आयोजित थावे महोत्सव के दुसरका दिने सुर आ ताल के अनोखा संगम देखे के मिलल. साढ़े तीन घंटा चलल कार्यक्रम में दर्शकन के भीड़ भोजपुरी के गायक अभिनेता मनोज तिवारी के गीतन के भरपूर आनंद उठवले. भीड़ अतना रहल कि सम्हारे में ढेरे मशक्कत करे पड़ल.

कार्यक्रम के दौरान मनोज तिवारी ‘बाड़ी शेर पर सवार, रूपवा मनवा मोहत बा’ देवीगीत के अनोखा अंदाज में पेश क के सभे के झूमे पर मजबूर कर दिहले. एही क्रम में ‘इंटरनेशनल लिट्टी-चोखा..’ के रोचक अंदाज में पेश कइलन. गीतन के दौर जब आगे बढ़ल त मनोज तिवारी के बहुते चर्चित गीत ‘चट देनी मार देहली खींच के तमाचा, ही-ही-ही-ही हंस देहले रिंकिया के पापा..’ पर ते दर्शक हंसत-हंसत लोट-पोट हो गइले. कार्यक्रम का बीच में मनोज तिवारी भरत शर्मा के मशहूर गीत ‘जेकर पियवा बसे परदेश सखी, ओकर ससुरा से नीक नइहरवे बा’ गा के सुनवले. कारगिल लड़ाई घरी मनोज तिवारी आपन रचल गीत ‘बच्चा-बच्चा पूरा हिन्दुस्तान चाहता, देशवा के हिन्दू मुसलमान चाहता, खाली कारगिल नाहीं पूरा पाकिस्तान चाहता’ जब गावल शुरू कइलन त पूरा भीड़ उनुका साथही गावे लागल. ‘निमिया के डाढ़ मइया, डालेली झुलुअवा कि झूली-झूली ना’ पर महिला श्रोता स्वर मिलावल सुनइली. पूरा कार्यक्रम में मनोज तिवारी अपना पुरनका अंदाज में रहलन आ आपन पुरनका गीत सुना के ओह यादा के ताजा करा दिहलन. बसंती चमन में चहक जाला केहू.., हट-हट हट रह बचके.., बहियां पकड़ के धरे.., गोरिया चांद के अजोरिया नियर .., ए चम्पा चमेली, कली अलबेली.., वगैरह गीतो सुना के सुनेवालन के ताली बटोरन मनोज तिवारी.

एह कार्यक्रम में सुरभि आ अलका पहाड़िया जइसन कुछ कलाकारो आपन देवीगीत पेश कइलन. समापन ‘फिर से आईब ए मईया हो’ गीत से भइल.

जिलाधिकारी पंकज कुमार एह भव्य आयोजन ला सभके धन्यवाद दिहलन. कार्यक्रम में जिलाधिकारी के अलावा जिला आ सत्र न्यायाधीश डीके शर्मा, एसपी केएस अनुपम आ डीडीसी मोहम्मद सल्लाहुद्दीन खां के अलावे तमाम न्यायायिक पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, प्रशासनिक पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि आ विधायक के साथे अनेके गणमान्य लोग मौजूद रहे.


(शशिकांत सिंह रंजन सिन्हा के रपट)

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