बिहार के बाहुबलियन के एगो अउर कहानी ए. स्क्वायर प्रोडक्शन के बैनर में बनल भोजपुरी फिल्म ‘भाई जी’ में पेश कइल गइल बा, ई फिलिम एही हफ्ता मुंबई के 16 सिनेमाघरन में एक संगे रिलीज भइल बा. एकर निर्माता विशाल तिवारी अउर सत्या दुबे आ निर्देशक विशाल तिवारी हउवें.

फिल्म क शुरूआत बिहार के बक्सर शहर से होखत बा जहवाँ विराट सिंह (विराज भट्ट) अपना चाचा (बृजेश त्रिपाठी) के विरासत संभरले बा. बृजेश त्रिपाठी अपना ज़माने के बाहुबली रहलें बाकिर एगो दुर्घटना में उनुका अपाहिज भइल का वाद विराट सिंह बाहुबली बन जाता. विराट सिंह के पुरान दुश्मन अजगर सिंह (दीपक भाटिया) हवे आ दुनु के परिवार एक दोसरा के खून के पियासल हउवें. विराट सिंह के हमेशा अजगर सिंह के हमला के डर समाइल रहेला. ओने अजगर सिंह, विराट सिंह के बहन सानिया (तनुश्री चटर्जी) के मारे के साजिश रचऽता आ एह बदे एगो भड़इत हत्यारा (बिपिन सिंह) के सुपारी दे ता. एने एह बीच प्रेम (विशाल) नाम के एगो आदमी विराट सिंह के हवेली में काम करे आवत बा आ संजोग से ऊ आ सोनिया एक दोसरा से प्यार करे लागत बाड़ें. प्रेम चुपा चोरी सोनिया से शादी कर ले ता जवना बात से विराट सिंह अंजान बा.

एक दिन विराट सिंह प्रेम के सोनिया के कमरा में देखत बा त ओकरा बर्दाश्त नइखे होत आ ऊ प्रेम के मार पीट के हवेली से भगा दे ता. ओकरा बाद विराट सिंह अपना बहिन सोनिया के एगो महफूज जगह ले जा ता आ एही दौरान अजगर सिंह विराट पर हमला कर के सोनिया के अपना कब्जा में कर ले ता. बाद में विराट सिंह आ प्रेम मिल के अजगर के मार देता बाड़ें आ सोनिया के ओह चंगुल से छोड़ा लेत बाड़ें. कहानी का आखिर में विराट सिंह के पता चलत बा सोनिया आ प्रेम के शादी के बात.

एह फिल्म में विराज भट्ट कमाल के एक्शन कइले बाड़ें. नायिका तनुश्री चटर्जी आ शिखा अपना अभिनय के बढ़िया छाप छोड़ले बाड़ी. बाकि किरदारन में बृजेश त्रिपाठी, गोपाल राय, दीपक भाटिया, बिपिन सिंह, विनोद मिश्रा, सी.पी. भट्ट सभे बढ़िया काम कइले बा. एह फिल्म से अपना अभिनय कैरियर के शुरुआत करे वाला विशाल तिवारी अपना अदाकारी के जबरदस्त परिचय दिहले बाड़न. देवेन्द्र तिवारी के खूबसूरत फोटोग्राफी आ हीरा यादव के एक्शन तारीफ़ के क़ाबिल बा. पूरा फिल्म पर निर्देशक विशाल तिवारी के निकहा पकड़ झलकत बा. श्याम देहाती मोहक संगीत दिहले बाड़ें.

ढेर दिन बाद दर्शकन के एगो नया तरह के भोजपुरी फिलिम देखे के मिलल बा जवना में एक्शन सीन में नयापन बा. फिल्म मनोरंजन से भरपूर बिया.


(समरजीत के रपट)

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