साल 1988 में रिलीज दिवंगत अभिनेत्री स्मिता पाटिल क फिल्म ‘वारिस’ का ज़रिए नायिका रेखा अपना साथी कलाकार स्मिता पाटिल के नायाब श्रद्धांजलि दिहले रही. ‘वारिस’ में स्मिता पाटिल के मौत का बाद उनकर डबिंग रेखा कइले रही. वइसने इतिहास हाल में फेर दोहरावल गइल. भोजपुरी सिनेमा के दिवंगत नायिका रूबी सिंह के अधूरा छूटल फिलिम ‘रंग दे प्यार के रंग में’ खातिर रिंकू घोष अपना आवाज़ में रूबी सिंह के डबिंग कइली.

रिंकू घोष कहली कि आजुओ ई बात उनुका के झकझोर देला कि रूबी सिंह अब नइखी. मन अबहियों एह बात के माने के तईयार नइखे होखत. ‘रंग दे प्यार के रंग में’ के निर्देशक अरविंद चौबे कहलन कि ऊ चाहत रहलन कि रूबी सिंह के एगो बेहतरीन आवाज़ मिले. सभकर राय बनल कि रिंकू घोष से डब करावल जाव. चिंता रहल कि पता ना रिंकू एहला तइयार होखीहन कि ना. आखिर में निर्माता राम जनम जायसवाल आपन परेशानी फिल्म के खलनायक संजय पांडे के बतवलन. संजय पांडे तब रिंकू घोष से बतियवलन त रिंकू घोष तुरते तइयार हो गइली.

रिंकू घोष के कहना बा कि अगर रूबी के आवाज़ कवनो डबर डब कराइत त ई रूबी के सही श्रद्धांजलि ना होखीत. अइसन केहू का साथ हो सकेला. फेर रिंकू घोष भावुक हो के कहली कि अगर कबो उनुका साथ अइसन हो जाव त ऊ त इहे चहीहें कि कवनो नायिका उनुका ला डब करावे.

एह फिल्म में पवन सिंह, विराज भट्ट, मोनालिसा, रूबी सिंह आ संजय पांडे के मुख्य भूमिका बा. एह फिल्म के पूरा डबिंग रिंकू घोष कइली आ एह काम के एक पइसा ना लिहली नाही आवे जाए के कन्वेएंसे. निर्देशक अरविंद चौबे कहतारें कि रिंकू घोष ऊ काम कर देखवली जेकर तुलना ना कइल जा सके.


(शशिकांत सिंह रंजन सिन्हा के रपट)

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