एक बार फिर से 2011 में पूरे साल भोजपुरिया दर्शकों के सर चढ़ कर बोला ‘‘निरहुआ’’ का जादू. वर्ष 2011 में एक बार फिर से दर्शकों के प्यार ने निरहुआ को हीरो नं॰-1 बना दिया है. वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक लगातार पाँचवें साल भी निरहुआ ने अपनी सफलता के ग्राफ को बरकरार रखा है. निरहुआ ने इस वर्ष लगातार पाँचवें साल निर्माता, वितरक व सिनेमाघर मालिकों सब की मुस्कान बरकरार रखी है. इस वर्ष निरहुआ की पहली प्रदर्शित फिल्म ‘‘आखिरी रास्ता’’ थी. एक्शन व रोमांस से भरपूर इस फिल्म में निरहुआ तीन नायिकाओं के साथ नजर आयें. इस फिल्म ने बिहार, यू॰पी॰ व मुम्बई में बम्पर ओपनिंग के साथ शानदार व्यवसाय किया और बॉक्स ऑफिस पर हिट रही. फिर होली पर निरहुआ की रामाकान्त प्रसाद निर्मित निर्देशित ‘‘दिलजलें’’ प्रदर्शित हुई. इस फिल्म ने बिहार, मुम्बई व यू॰पी॰ में ऐतिहासिक ओपनिंग लेकर शानदार व्यवसाय किया व साल की बड़ी हिट रही. फिर मई में प्रदर्शित हुई निरहुआ की ‘‘दुशमनी’’, इस फिल्म ने बिहार व मुम्बई में शानदार व्यवसाय किया. फिर 8 जुलाई को मुम्बई और यू॰पी॰ में निरहुआ की होम प्रोडक्शन फिल्म ‘‘औलाद’’ प्रदर्शित हुई. फिल्म ने मुम्बई में भारी वर्षा के बावजूद शानदार व्यवसाय किया व यू॰पी॰ के कई सिनेमाघरों में पचास दिवस मनाया. ‘‘औलाद’’ बिहार में 5 अगस्त को प्रदर्शीत की गई. रमजान में रीलिज होने के बावजूद फिल्म ने बिहार के कई सिनेमाघरों में सफलतापूर्वक पचास दिवस मनाई. ‘‘औलाद’’ निरहुआ की वर्ष 2011 में बॉक्स ऑफिस पर सबसे बड़ी हिट फिल्म साबित हुई. ‘‘औलाद’’ ने यह भी साबित किया की भोजपुरी में पारिवारिक फिल्में भी सफल होती है. निरहुआ की इस वर्ष की अंतिम प्रदर्शित फिल्म रही दशहरा पर आई ‘‘निरहुआ मेल’’. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा व्यवसाय किया.

लगातार पाँच साल तक भोजपुरी पर्दे के नं॰-1 नायक निरहुआ को आशा ही नहीं विश्वास है कि 2012 में भी दर्शक उनकी बादशाहत कायम रखेंगे क्योंकि 2012 में भी दर्शकों के बीच वे एक से बढ़कर एक फिल्में लेकर उपस्थित होंगे. निरहुआ कहते हैं कि वर्ष 2012 में उनकी फिल्में जहाँ भोजपुरी फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहुँचाएगी, वही भोजपुरी फिल्मों के व्यवसाय को नया आयाम प्रदान करेंगी.

बेस्ट ऑफ लक निरहुआ.


(स्रोत – प्रशांत निशांत)

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