वर्ष 2011 में बुलंदी पर रहीं रिंकू घोष

– शशिकान्त सिंह
भोजपुरी फिल्मों की हर दिल अजीज नायिका रिंकू घोष के लिए बीता वर्ष 2011 काफी खुशियां लेकर आया. रिंकू घोष की तीन फिल्मों ने उन्हें बुलंदी पर पहुंचाया तो उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवार्ड भी मिला. रिंकू घोष की तारीफों के कसीदे गढ़े गये.

रिंकू घोष की फिल्म ‘आखिरी रास्ता’ ने रिंकू घोष के कैरियर को नई ऊंचाई दी. भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ और रिंकू घोष की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया. वर्ष 2011 में रिंकू घोष के कैरियर ग्राफ का आलम यह था कि वर्ष 2011 में प्रथम ‘भोजपुरी सिटी सिने अवार्ड’ में रिंकू घोष को जब सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवार्ड दिया गया तो अवार्ड समारोह में मौजूद सारे लोगों ने खड़े होकर रिंकू घोष के लिए जोरदार तालियां बजायीं. इस अवार्ड समारोह में ये बात बिल्कुल तय थी कि भोजपुरी सिटी के पहले सिने अवार्ड पर सिर्फ और सिर्फ रिंकू घोष का ही अधिकार है. रिंकू घोष ने वर्ष 2011 में एक और रिकार्ड बनाया. वे पहली बार सात नायकों वाली फिल्म ‘केहू हमसे जीत ना पाई’ में सात नायकों के बीच नायिका बनीं. यह फिल्म उत्तर प्रदेश में सफलता का नया रिकार्ड रच गयी. पहली बार रिंकू घोष की यह फिल्म गोरखपुर के मल्टीप्लेक्स थियेटर में लगी तो लोगों की भारी भीड़ रिंकू घोष की इस फिल्म को देखने उमड़ी. रिंकू घोष की इसी वर्ष 2011 में एक फिल्म आई ‘सईयां ड्राईवर बीबी खलासी’. ये फिल्म भले नहीं चली मगर मीडिया में रिंकू घोष के अभिनय की सबने तारीफ किया. बिहार के पत्रकारों ने पहली बार किसी भोजपुरी फिल्म की समीक्षा करते समय चार स्टार दिया. सारे समाचार पत्रों में रिंकू घोष के अभिनय की जमकर तारीफ की गयी. चर्चित स्टार कुणाल सिंह ने रिंकू घोष की तारीफ की तथा कहा कि रिंकू घोष मौजूदा दौर की पद्मा खन्ना और कुमकुम हैं.

इसी वर्ष 2011 में रिंकू घोष को ‘बिहारी अस्मित सम्मान’ से बिहार में सम्मानित किया गया. इस सम्मान समारोह में बिहार के बहुतेरे दिग्गज मौजूद थे. रिंकू घोष को जब ‘बिहार अस्मिता सम्मान’ दिया गया तो बिहार के कई प्रमुख चैनलों ने इस शो का सीधा प्रसारण किया तथा समाचार पत्रों ने रिंकू घोष की जमकर तारीफ की. वर्ष 2011 में हर दिल पे छा चुकी रिंकू घोष के लिए वर्ष 2012 भी काफी खुशियां लेकर आ रहा हैं, यह सबको उम्मीद है.

2 Comments

    • राघवेन्द्र जी,
      कहीं कोई विरोधाभास नहीं है. दोनो पोस्ट अलग अलग लोगों ने भेजे हैं. आप पाठक हैं खुद तय कीजिये.
      हमने हमेशा से स्पष्ट किया है कि ये पोस्ट पीआरओ लोगों से मिलते हैं. इसीलिये हर सामग्री के साथ स्रोत का साफ उल्लेख रहता है.
      आपकी टिप्पणी स्वागत योग्य है, धन्यवाद.

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