भोजपुरी सिनेमा उद्योग के सुनहरा दौर में फिलिमन के वितरण का साथे साथ संगीतो के बिजनेस बड़हन मायने राखत बा. बाकिर अफसोस एह बाति के कि बड़की संगीत कंपनी भोजपुरी फिलिमन का साथे मयभावत, माने कि सौतेला, बेवहार करत बाड़ी सँ. मुनाफा त दूर ओह पर भइल खरचो ना द सँ आ कवनो ना कवनो बहाना से हाथ झाड़ लेबेली सँ. अइसना में निर्माता लोग चिंतित रहेलें कि कवनो कंपनी के म्यूजिक बेचल जाव जेहसे फिलिम के संगीत जनता ले चहुँपे आ कुछ फायदो हो जाव.

अइसनके सवालन के जवाब बनि के आइल बा सुपर हिट फिल्म “रंगबाज़” से चर्चा में आइल अभिनेता हैदर काजमी आ उनुकर म्यूजिक कम्पनी “नरजिस म्यूजिक”. नरजिस म्यूजिक के मकसद निर्माता लोगन के जागरूक करे के बा कि फिल्म संगीत के बाजार घटल नइखे बलुक बढ़ गइल बा. अलग बाति बा कि ई बाजार सीडी भा डीवीडी बिकइला से नइखे बनल. ई बाजार हवे कॉलर ट्यून डाउनलोड के. बड़की कंपनियन के फरक-दलाली से बचीं आ आपन म्यूजिक तरीका से रिलीज करीं त फायदा मिले से केहू रोक ना सकी.

हैदर काज़मी चूंकि खुदे निर्माता हउवें से ऊ निर्माता लोग के दुखदर्द समुझेले. नरजिस म्यूजिक के आपन वेबसाइट आ डिजिटल चैनलो बा जवना का माध्यम से फ्री में प्रचार प्रसार कइल जाला. दोसरे सगरी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी नरजिस म्यूजिक के पार्टनर बाड़ी सँ. नरजिस म्यूजिक अबही ले एलान, रंगबाज़, रानी के राजा से प्यार हो गईल, कालिया, भाई जी, लागी ऐसी लगन, डाक्टर बाबू, हमार संगी बजरंगी आ घायल शेर वगैरह अनेके फिलिमन के म्यूजिक रिलीज कर चुकल बिया.

मई महीना में नरजिस कंपनी “साईं आया तेरे द्वार” आ “चालीसा संग्रह” के वीडीओ बाजार में उतारे वाली बा.


(अपना न्यूज के रपट)

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