भोजपुरी के सेवा आ हंगामा बरपावल अभिनेता प्रकाश जैस के खास पहचान ह. कलर्स के धारावाहिक भाग्य विधाता से घरे-घरे चिन्हा गइल प्रकाश जैस के पचीसवां भोजपुरी फिल्म फौलाद जल्दिये रिलीज होखे वाली बा. कन्यादान, राजा भोजपुरिया, फिरंगी दुल्हनिया, गवनवा ले जा राजा जी, निरहुआ चलल ससुराल, मुन्ना बजरंगी, बिहारी माफिया आ भईया के ससुरारी में जइसन सुपर डुपर हिट फिलिम देबे वाला प्रकाश जैस भाग्य विधाता का बाद फेर से भोजपुरी सिनेमा में व्यस्त हो गइल बाड़े. प्रकाश जैस हिन्दी में राम गोपाल वर्मा की फिल्म मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं, जेम्स आ प्रकाश झा के फिल्म अपहरण का अलावे ब्लैक फ्राइडे, मातृभूमि, आ रामजी लंदन वाले फिलिमन से आपन खास पहचान बना लिहले. भाग्य विधाता से वापस भोजपुरी सिनेमा का ओर यू टर्न पर प्रकाश जैस के कहना बा कि भाग्य विधाता में रहतो घरी ऊ भोजपुरी सिनेमा के साथ ना छोड़ले रहन आ कबहू छूटे ना ई साथ, चिंगारी, अउर दुश्मनी फिल्म कइलन. भाग्य विधातो में ऊ भोजपुरीए के जियले.

पचीस फिलिम कइला का बादो प्रकाश जैस कवनो खास छवि में नइखन घेराइल आ हर तरह के रोल, निगेटिव भा पॉजिटिव, कॉमेडी भा सपोर्टिंग कइलन. भाग्यविधाता धारावाहिको में ऊ उहे सब कइलन जवन भोजपुरी सिनेमा में होला काहे कि उनकर किरदार मोतिहारी के रहल. कहलन कि ऊ भोजपुरी से दूर कबो जाइये ना सकस. पटना के रहवइया प्रकाश जैस के कहना बा कि आजुकल इमोशन निकाले के सहारा बैकग्राउण्ड म्यूजिक बन गइल बा जवन आगा चल के ठीक ना होई. कलाकारी के तकनीक के गुलाम ना होखे चाहीं.

प्रकाश जैस ना मानस कि भोजपुरी सिनेमा संकट से जूझत बा. उनुकर कहना बा कि अब त ई संकट से उबरत बा. अब बढ़िया फिलिम बने लागल बाड़ी सँ. हिंदी फिलिमन से तुलना पर प्रकाश जैस के कहना बा कि उनुका भोजपुरी फिलिम करे में नीक लागेला काहे कि आपन बोली, आपन लोग आ आपन भोजन सभका नीमन लागेला.


(स्रोत – शशिकांत सिंह )

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