blackbhojpuriसिनेमा भोजपुरी के अन्हेरगर्दी सामने ना आ पावे काहे कि ओकरा के सोझा ले आवे से केहू के फायदा नइखे. भोजपुरी फिलिमन के पीआरओ लोग ले दही ले दही बेचे के काम करेला. ई काम ओह लोग के रोजी रोटी ह आ केहू अपना धंधा पर लात ना चला सके. अन्हेरगर्दी के बात करे लागी त ओह लोग के धंधा टूटे लागी. बाकिर भोजपुरी सिनेमा के प्रशंसकन आ भोजपुरी भाषा के पैरवीकारन के ई काम देर सबेर करहीं के पड़ी. सिनेमा के अदाकारन के चेहरा पर पोताइल मेकअप का नीचे कतना दरद लुकाइल बा, तोपल झाँपल बा शायद ई बात खुद उहो लोग ना बता पाई. कलाकारन, तकनीशियनन से काम करा के पइसा ना देबे के घटना आजु आम होखल जात बा बाकिर बेचारा ऊ कलाकार आ तकनीशियन एहू हालत में नइखन कि अपना पेट पर पड़त लात पर सिसिकियो सकसु.

जे भी एह इंडस्ट्री के जानत बा से बढ़िया से जानत बा कि अइसन अइसन वितरक बाड़ें एह इंडस्ट्री में जिनका मर्जी का खिलाफ चलला पर ओह कलाकार के फिलिम बिहार झारखंड में रिलीजो ना हो पाई. हद त तब हो जाला कि बेचारा कलाकार आ बेचारी अदाकारन के कुछ ना बुझाला कि एह खुलेआम गुंडई से ऊ कइसे निबटसु. इंडस्ट्री में आर्थिक शोषण के बात छोड़ दीं दैहिक शोषणो के दबे जबान चरचा होत रहेला आ कुछ खुसुर फुसुर हमरो कान ले चहुँपत रहेला. हालात कबो कबो अइसन बदतर हो जाला कि या त ओह कलाकार अदाकारा के इडस्ट्री छोड़ देबे के पड़े भा ब्लैकमेलिंग से तंग आ के आपन जान दे देबे के पड़े. कलाकारन के खुदकुशी के मामिलन के शायदे आखिर ले जाँच होखेला काहे कि एह कुचक्र में शामिल हर आदमी चाहे ला एह तरह के बात दबा देबे के.

कुछ निर्माता लोगो एह दिसाईं “मशहूर” बा. दोसरा कवनो फिलिम के शूटिंग में गइल कलाकार के दबाव डाल के रंगदारी से अपना फिलिमन के शूटिंग पर आवे ला मजबूर कर दिहल जाला. आ तवना पर जरला पर नून छिड़के वाला बात ई होला कि ओह कलाकार के मेहनतानो ना दिहल जाव. समस्या ई बा कि ऊ कलाकार भले फुसफुसा के अपना शोषण के बात अपना परिचितन का दायरा में कर लेसु खुलेआम कुछ कहे के बेंवत नइखे ओह लोग का लगे काहे कि अगर समुंदर में रहे के बा त एह घड़ियालन से दुश्मनी के करी.

आशा बा कि एह चरचा के निकाल दिहला का बाद कुछ लोग में हिम्मत आई आ ऊ अपना खिलाफ भा अपना परिचितन का खिलाफ होखे वाला बेइमानी आ शोषण के बात सोझा ले अइहें. पीआरओ लोगो एह समस्या से फरका नइखे. हमरा वइसनो पीआरओ लोग से बात होखेला, बात भइल बा जिनका से काम करा के भुगतान ना दिहल गइल भा थोड़ बहुत दे के टरका दिहल गइल.

ढेर दिन ले ले दही ले दही के खबर छापत गइनी अबकि पाँकियो मे लात मरले बानी जानत बानी कि कुछ कादो कीच हमरो तरफ आई. बाकिर आपन जिम्मेदारी समुझत एह बात के समाज का सोझा राखत बानी. देखल जाव कि एह बात पर कइसन प्रतिक्रिया आवत बा.

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