– रासबिहारी गिरी


दिन धरा गइल बाकिर गाना पूरा ना भइल रहे. आ बचल समय रह एक महीना पांच दिन. अब पप्पू बाबू नागेन्द्र चौधरी जी आ निरपांशु जी से म्युजिक पर काम शुरु हो गइल. गाना बहुत बढ़िया भइल बाकिर आखिरी फैसला खातिर जनता के आदेश के इंतजार रही.

गीत पर बात चलल ता सभकर राय बनल कि हमनी के फूहड़ता से फरके रहे के बा. मन में संशयो रहल काहे कि कुछ लोग कहेला कि बिना फूहड़ भइले भोजपुरी फिलिम ना चल पाई. एगो आइटम त चहबे करी. त हम सोचनी कि का बिना दूअर्थी शब्द के आइटम ना हो सकेला? कहानी के हिसाब से फिलिम में दू गो आइटम बा. आइटम बड़ा मजेदारो बा आ फूहड़तो नइखे. कतना पसंद आवत बा से त देखला के बाद पता चली.

बड़ा मजदार बात कि शूटिंग में जाए के तइयारी शुरु रहे बाकिर पइसा के कवनो पता ना रहे. हमरा लगे अब केवल चार लाख का आस पास बाचल रहे. ओहिमें से टिकट करावल गइल, कैमरा के दिआइल, टेक्नीशियन के दिआइल आ तब लगे बच गइल खाली पचास हजार. बाकिर मन में जोश कम न भइल. 5 अक्टूबर के सब केहू के सियालदह पहुंच जाए के बा छपरा जाए खातिर. बाकिर टिकट कन्फर्म भइल महज आठ गो. आ आदमी रहलें तीस के आस पास.

बाकिर टीम में जोश रहे. लेडिज लोग से सेट कइल गइल आ पब्लिक के सपोर्ट से करीब बीस गो सीट मिल गइल. बाकी लोग एडजस्ट क के चलल. पूरा बोगी के लोग हमनी के साथ पा के खुश रहे आ बड़ा मनमोहक नजारा बन गइल रहे.

सबेरे चार बजे हमनी के छपरा पहुचनी सँ. उहाँ गुड्डु सिंह, पोडक्शन मैनेजर, गाड़ी ले के तइयार रहलन. छपरा टीसन से हमनी का बनियापुर चल दिहनी सँ. कुछ दूर त रास्ता ठीक रहे बाकि पुछरी से बनियापुर के रास्ता के भगवाने मालिक रहलन. 6 के सभे आराम कइल आ 7 से काम शुरु हो गइल.

हँ एगो अउर बात. हम जइसीं छपरा पहुँचनी त हमरा लगे अउरी डेढ़ लाख रूपया के बन्दोबस्त हो गइल रहे. काम होखे लागल आ रोजे भगवान
के मर्जी से पइसो आवे लागल. बाकिर परेशानी साथ छोड़े के न चाहत रहे. एक एक कर के सब केहू के आँख आवे लागल. एही बीच कुणाल सिंह जी से बात क के 15 तारीख के दिन लिआइल. अब शादी के सेटअप लगावल जरुरी हो गइल. काहे कि उहाँ के कुछ सीन शादीओ के रहे. दुआर पर सजावट होखे लागल आ अइसे लागे लागल जइसे कि सही में शादी होखे के बा.

दिन बेरा अगल बगल में शूट होखे आ साँझ बेरा कृष्ण मोहन सिंह जी के पास. 70 आदमी के कुनबा आ तबो ओह घर में पते ना चले. रजौली में
बिरेंदर जी के घर के का कहल जाव. फिलिम में देखला के बादे कहेम घर होखे त अइसन!

सबसे मजदार बात. एक दिन जवना कलाकार के शूट करे के रहे सबेरे ओकरे आँख लाल हो गइल रहुवे. अब का होखे. सभे परेशान. पप्पू बाबू सीन चेंज क के दोसरा के शूट कइलन. भगवान से हार ना मानल जाई बाकिर भगवान भगवान हउवन. ऊ चहीहें वइसेन होखी. आँख के परेशानी से लड़त आगे बढ़त जात रहनी सँ तले एगो दोसर परेशानी आ गइल.

12 तारीख से तूफान आ बरखा लगातार. तीन दिन काम बंद. अब ई डर सताए लागल कि कुणाल जी अइहें तब का होई! ….

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