VikrantSingh
भोजपुरी के तेजतर्रार हीरो विक्रांत सिंह के कहना बा कि भोजपुरी सिनेमा में केहू स्टार नइखे. एह घरी अपना ड्रीम प्रोजेक्ट ’प्रेमलीला’ में अझुराइल विक्रांत के कहना बा कि एह इंडस्ट्री के बनवले आ बचवले राखल जरूरी हो गइल बा. विक्रांत के कहना बा कि आजु के हीरो ले अधिका मेहनत हीरोइन करेली अपना किरदार प.

जानत चलीं कि ‘प्रेमलीला’ में विक्रांत के नायिका बनल बाड़ी मोनालिसा आ एह जोड़ी के भोजपुरी इंडस्ट्री में हिट जोड़ी मानल जाले.

पेश बा विक्रांत से भइल बातचीत के कुछ हिस्सा :

रउरा अपना अगिला फिलिम ’प्रेम लीला’ ला अतना उछाह में काहे बानी?
लंबोदर इंटरटेनमेंट के ई फिलिम बाकी भोजपुरी फिलिमन से कुछ अलगा दिखाई दी. एकर सब्जेक्ट काल्पनिक ना हो के वास्तविक बा आ ई कवनो दोसरा फिलिम के नकलो ना ह. एगो शहर के कहानी ह. कीसे दू गो परिवारन का बीच शुरू टसन बढ़त बढ़त कहाँ ले चल जाता इहे देखावल गइल बा.
एगो शादी में मिलल लड़िका आ लड़िकी में प्यार हो जात बा. बीच में विलेन आ जाता. फेर शुरू होखत बा परिवारन के लड़ाई. ऑनर किलिंग के मुद्दा बना के बनल एह फिलिम के कहानी उपर झाँपर देखला प त लागी कि अइसन कहानी रोजे देखल-सुनल जा ता. बाकिर परदा पर देखब त एगो अलग अहसास होखी. व्यावसायिक अंदाज में बनत फिलिम का बावजूद कहानी के आत्मा जिन्दा राखल गइल बा. स्क्रिप्ट संजय राय लिखले बाड़न आ निर्देशन करत बाड़े सुशील कुमार उपाध्याय.

एह फिलिम के चलला के का गारंटी?
दर्शक निकहा फिलिमन ला तिकवत बाड़े. ऊ दिन हवा हो गइल जब कइसनो अगड़म-बगड़म बनाके फिलिम रिलीज हो जात रहे. एके तरह के फिलिम देखत देखत लोग उबिया गइल बा. बड़का-बड़का एक्टरन के फिलिम बॉक्स ऑफिस पर पानीओ नइखे माँग पावत. जब देखेवालन के हिन्दीए में भोजपुरीनुमा फिलिम मिलल शुरू हो जाव त ऊ काहे देखीहें घटिया बनल भोजपुरी फिलिम? एहसे अब फिलिम बनावे वालन के नया कहानी प आधुनिक फिलिम बनावे के पड़ी. दिक्कत ई बा कि कुछ मेकर्स मान बइठल बाड़े कि चालू कहानी ले के स्टार डाल द, देखे वाला त जुटिए जइहें. बाकिर देखेवाला लोग अइसनका मेकर्स आ स्टारन के करारा झटका दे देत बाड़े. वइसहूं हमरा समुझ से एहिजा केहू स्टार नइखे. कुछ लोग जबरदस्ती स्टार बनल बा. हँ, रवि किशन में स्टारन के गुण जरूर दिखाई देला. भोजपुरी के एक्टर चाहीं आ एक्टर हमेशा पैदाइशी होला. सलमान, अक्षय, शाहरुख, आमिर से हमनी भोजपुरी एक्टरन के सीखे के चाहीं कि कइसे काम कइल जाला. उ लोग सिनेमा के कतना सिरियसली लेला.

भोजपुरी सिनेमा में त हीरो से अधिका भीड़ हीरोइनन का चलते होला?
हँ, इहे साँच ह. एहिजा हीरोइन अपना किरदार पर हीरो से अधिका मेहनत करेली. के कतना बढ़िया करत बा एकरा ला हाराबाजी चलेला हीरोइनन में. निजी जिनिगी में केहू से कवनो जरतवाही ना होला एह हीरोइनन में. सब सखि सहेली माफिक रहेली. समुझ बूझ के काम करेली चाहे कवनो एक्सप्रेशन होखो भा डांस. ओह लोग में काम खातिर लगन देखे के मिलेला. बाकिर तबहियों एह लोग के उ मान ना मिल पावे जवन हिन्दी सिनेमा अपना हीरोइनन के देला. ई जनला का बावजूद कि हीरोइनन बिना कवनो फिलिम ना बन-चल सके एहलोग साथे दोयम दरजा के बेवहार होला. एह सोचावट के बदलला के जरूरत बा. वइसे हीरोओ लोग के सोचे के बा कि हीरोइन अब अपना बल प फिलिम चलावे में सफल होखे लागल बाड़ी. त हीरो लोग ना सुधरल त दोयम दर्जा अब ओह लोग के इंतजार करत बा.
(संजय भूषण पटियाला)

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