hyder-kaaliaसिनेमा भोजपुरी के मौजूदा घिनाह राजनीति अब फिल्मकारनो के पसंदीदा विषय बन गइल बा. पहिला बेर एह गंदगी के परदा पर सोझा करे जात बाड़न युवा निर्माता रविन्द्र सिंह मोरसराई.

एह फिलिम में देखावल जाई कि कइसे एगो तबका सिनेमा भोजपुरी के बढ़न्ती के राह में रोड़ा बनल बा. रविन्द्र सिंह के कहना बा कि पिछला साल के लेखा जोखा एगो पत्रिका में पढ़ला का बाद उनुका मन में एह पर फिलिमे बनावे के मन कर गइल. बतवले कि पहिले एह लेखा जोखा के एगो वेब साईट पर डालल गइल. फेरू एही के हूबहू एगो ट्रेड मैगजीनो में पढ़नी त चिहूँके पड़ गइल. वेबसाईट पर छपल लेखा जोखा हूबहू अंग्रेजी आ भोजपुरी के ट्रेड मैगजीनन में छपवावल गइल. रविन्द्र सिंह के कहना बा कि ऊ बिहारे के हउवें आ उनुका मालूम बा कि कवन स्टार भा फिलिम बिहार में चलेले बाकिर एह लेखा जोखा में उलुटे छपल रहुवे. जवन फिलिम हिट भइल रहीं स ओहनिओ के फ्लॉप बतावल गइल रहे.

रविन्द्र सिंह के कहना बा कि अचरज त तब भइल जब देखनी कि एह लेख में मनोज तिवारी, रिंकू घोष, विनय आनंद आ हैदर काजमी के निशाना बनावल गइल बा. जबकि मनोजे तिवारी के फिलिम ‘ससुरा बड़ा पईसावाला’ से भोजपुरी सिनेमा के दुसरका दौर शूरू भइल रहे. आजुओ मनोज तिवारी जइसन पॉपुलर आ मृदुभाषी भोजपुरी स्टार केहू दोसर नइखे. एही तरह रिंकू घोष भोजपुरी सिनेमा के पहिलका एक्ट्रेस हई जे हिंदी आ बांग्ला फिलिम आ विज्ञापनो फिलिम कइले बाड़ी, छोटका परदा पर आजुओ उनुकर लोकप्रियता कमाल के बा.

विनय आनंद के पूरा परिवारे हिन्दी सिनेमा से जुड़ल बा. उनुकर मामा गोविन्दा, कीर्ति कुमार, भाई कृष्णा अभिषेक, मां, पिता जी, पत्नी ज्योति आनन्द, साली सिमरन, जीजा प्रकाश राज सभे फिलिमे से जुड़ल बा. विनय आनंद के फिलिम ‘पागल प्रेमी’ पिछला साल के ब्लॉक बस्टर फिलिमन में से एक रहल आ आजुओ विनय आनंद के सफलता के गारंटी मानल जाला. बाकिर विनयो आनन्द पर निशाना लगावल रहे. हैदर काजमी ‘पथ’, ‘कजरी’ जइसन हिट हिन्दी फिलिम दिहलें आ भोजपुरी में उनुकर रंगबाजी से घबड़ा के उनुका फिलिम ‘कालिया’ के फ्लॉप बता दिहल गइल जबकि ‘कालिया’ हिट रहल.

रविन्द्र के कहना बा कि कहीं पढ़ले बाड़न कि हैदर काजमी एगो ट्रेड मैगजीन के चुनौती दिहले बाड़न कि अगर ‘कालिया’ के बारे में लिखल बात सही साबित हो जाव त ऊ ओह मैगजीन के 50 हजार रुपिया दीहें. फिलहाल ओह ट्रेड मैगजीन के लोग हैदर काजमी के रंगबाजी से सदमा में बा.

रविन्द्र के कहना बा कि एह फिलिम में ऊ एऋ बात के देखइहें कि कइसे भोजपुरी सिनेमा में भाई भतीजावा बढ़ावल जात बा आ फ्लॉप स्टार के हिट बतावल जात बा. एह फिलिम में ग्लैमर के तड़को होखी. देखावल जाई कि कइसे कुछ बेहतरीन नायक नायिका एह घिनाह राजनीति से उबिया के हिन्दी सिनेमा आ छोटका परदा का तरफ बढ़ल जात बाड़ें.


(शशिकांत सिंह)


धन्यवाद शशिकांत जी,

जे रउरा अँजोरिया के नाम नइखीं लिहले. ई लेखा जोखा अँजोरियो के फिलिम खंड में छपल बा. ओहू दिन हम एह बात के साफ कहले रहीं कि ई लेखा जोखा प्रामाणिक नइखे लागत. बाकिर केहू के कवनो टिप्पणी ना मिलल रहे ओह लेखा जोखा का खिलाफ.

हमरा जइसन आदमी त एहसे परेशान रहेला कि लाख खोजला का बादो केहू अइसन नइखे मिलत जे भोजपुरी फिलिमन के सही सही खबर दे सके, भा खबर ले सके. एहिजा त बस ले दही ले दही का अंदाज में आपन बड़ाई छपवावल जाले. बात भोजपुरी सिनेमा के होला बाकि सामग्री हिंदी में आवेला. ओकरा के भोजपुरी में अनुवाद करके प्रकाशित करे में देरो होत रहेला आ कुछ दोसर साइट ओकरा के हिंदिए में निकाल के पहिले हो जालें. बाकिर संतोष बा कि अलेक्सा रैंकिग मे अँजोरिया के जोड़ में केहू नइखे. जेकरा विश्वास ना होखे से अलेक्सा डॉट कॉम पर जाके कवनो वेबसाइट के रैंकिग देख सकेला. हमहूं एहमें संतोष राखीलें कि देर सबेर लोग के जानकारी होखबे करी कि के कहाँ बा.

रविन्द्र जी के भावना के भाव देत एगो बात उनुको से कहब. जवना बात पर फिलिम बनावे जात बाड़न ओह बात के अँजोरियो पर लिख भेजतें. ना छपल रहीत ना छपतीं त जवन मन में आइत तवन करतें. अबहीं ना त फिलिम के नाम तय बा, ना कलाकार बाकिर तबहियों एह खबर के छापे में हमरा कवनो दिक्कत नइखे काहें कि हमहू चाहब कि बात निकलो आ दूर तकले जाव. मेहूर मेहूर मिहियवला से काम नइखे चले वाला. भोजपुरी के बात करे क बा त पहिले भोजपुरी में करीं फेरू हिंदी भा अंगेरेजी में बूकत रहीं.

हम चाहब कि अंजोरिया के पाठक समुदाय आपन जिम्मेवारी समुझो आ मानो. हर लेख पर ओह लोग के टीका टिप्पणी आवे के चाहीं. कवनो जरूरी नइखे कि लमहर लमहर लिखल जाव. देवनागरी में लिखल संभव ना होखे त रोमने में लिखीं बाकिर लिखीं जरूर. जब सभे बोली तबे आवाज ओहू लोग ले चहुँपी जहाँ चहुँपावल जरूरी बा.

राउर,
ओम

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