’हम हई बिहारी टाइगर’ के कार्यकारी निर्माता अनिल खान

anil-khanआप कहाँ के हईं आ भोजपुरी फिलिम बनावे में कइसे अइनी ?
हम कटिहार से आइलें आ पिछला तीस साल से फिलिम वितरण से जुड़ल बानी. जब मुंबई अइनी त निर्देशक श्यामल समीर से भइल. उहाँ के हमरा के जे. पी. मिश्रा आ मनीष मिश्रा से मिलववनी. ओह लोग से भेंट कर के बढ़िया लागल आ जब ऊ लोग हमरा से भोजपुरी फिलिम बनावे का बारे में जानल चाहत त हम अपना तीस साल के अनुभव बतावत ओह लोग के सलाह दिहनी. आ एह तरह से बनल ’हम बानी बिहारी टाइगर’ जवना के एह घरी संपादन के काम चलत बा.

फिलिम के नाम ’हम बानी बिहारी टाइगर’ का सोच के रखाइल ? का रउरा समुझीलें कि भोजपुरी सिरिफ बिहारे के भाषा ह?
हमरा लागल कि ’हम बानी बिहारी टाइगर’ नाम भोजपुरी के दर्शकन के पसंद का हिसाब से ठीक रही. आ ई त गर्व के बात बा कि भोजपुरी के पसार पूरा दुनिया में हो गइल बा. हम त इहो मानीलें कि एकरा पीछे सिनेमा भोजपुरी के बड़हन योगदान बा.

भोजपुरी फिलिमन में सामाजिक सरोकारन खासकर के भोजपुरी इलाका के समस्यन का साथही देशो क बारे में चिंतन होखे के चाहीं. एह बात से रउरा कतना सहमत बानी ?
अपना फिलिम ’हम बानी बिहारी टाइगर’ में हम अइसने सरोकारन के शिद्दत से उठवले बानी. एहमें अनीति पर नीति के जीत देखावल गइल बा. फिलिम के नायक एगो ईमानदार पुलिस ऑफिसर ह जे समाज के कोढ़ बनल नेतवन आ बेईमानन से लड़त बा. एहमें समाज से सतावल नायिका अपना तरीका से बदला लिहल चाहतिया आ एहमें सुलतान अंसारी ओकर मदद करऽता.

भोजपुरी भाषा-संस्कृति के उत्थान में सिनेमा भोजपुरी कवना तरह सहयोग करत बा ? रउरा भोजपुरी फिलिमन के भविष्य कइसन लागत बा?
हमरा लागत बा कि आजु देश विदेश ले भोजपुरी के पसार में सिनेमा के बड़हन हाथ बा. यदि भोजुपरी फिलिमन में भोजपुरी माटी के महक आ संस्कार के बढ़िया से परोसल जाव त एहमें कवनो शक नइखे कि सिनेमा भोजपुरी के भविष्य उज्जर बा.

राउर आवे वाला अउर कवन फिलिम बाड़ी सँ ? आ एहनी से रउरा कइसन बदलाव देखत बानी ?
एगो फिलिम निर्माता मनीष जे मिश्रा, शिवशक्ति प्रोडक्शन के बैनर तले बनावे जात बाड़न. एकरा बारे में समय अइला पर वतावल जाई.


(संजय भूषण पटियाला)

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