Manoj Mishra Mihir at Muscat

ओमान का राजधानी मस्कट में भारतीय दूतावास का परिसर में भारतीय दूतावास आ भोजपुरिया विंग का तत्वाधान में आयोजित होली मिलन आ सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रम में भोजपुरी फिल्म अभिनेता आ गायक मनोज मिश्रा मिहिर अपना गायकी से उपस्थित श्रोता लोग के झूमा दिहलन. रात आठ बजे से शुरु कार्यक्रम रात बारह बजे ले चलल.

कार्यक्रम में शामिल होखे खातिर मनोज मिहिर पिछला सात मार्च के लखनऊ हवाई अड्डा से अधबेरिया साढ़े तीन बजे ओमान एयरवेज के जहाज से ओमान खातिर उड़लन. जहाज अपना समय से करीब सवा घंटा लेट रहे. सात बजे मस्कट चहुँपल. हवाई अड्डा पर मनोज मिहिर का स्वागत में अरुण पाण्डेय आ अनवर मौजूद रहलें. कहल लोग कि समय तनिको नइखे. कार्यक्रम स्थल पर लोग इन्तजार करत बा. मनोज मिहिर कहलन कि घबड़इला के जरुरत नइखे. बस कपड़ा बदलल जाई आ कार्यक्रम शुरु हो जाई.

हवाई अड्डा से होटल ना जा के ऊ लोग सीधे दूतावास चहुँपल जहाँ भारत के राजदूत अनिल बाधवा आ मस्कट भोजपुरी विंग के अध्यक्ष मोहम्मद इरशाद उर्फ नाज निर्मोही आ अउरीओ गणमान्य लोग मनोज का स्वागत में मौजूद रहल. मनोज आ उनकर टीम फटाफट तइयार भइल आ मंच पर आ गइल लोग. उपस्थित श्रोता तालियन का गड़गड़ाहट से ओह लोग के स्वाागत कइल. मनही मन बाबा गोरखनाथ के भजत मनोज मिहिर शुरु हो गइलन, प्यार के जगवा में रंगवा निराल, हो जाला प्यार, प्यार कइल नाहू जाला. उनका एह पहिलके गीत से समां बंध गइल आ फेर मनोज अपना रौ में आ गइलें. मची मस्कट में देखऽ आज होरी, भई सतरंग चुनर कोरी, होली खेले रघुवीरा अवध मे, वगैरह गीत सुनवला का बाद मनोज श्रोता लोग के शृंगार रस में डुबावल शुरु कर दिहलें. गोरिया चाँद के अंजोरिया नियर गोर बाड़ू हो, बबुनी बारह बजे बोलवलू, जवन बाति बा सँवरको में ऊ गोर का करी, वगैरह गीत पेश कइला का बाद मनोज मिहिर तारकेश्वर मिश्र राही के रचना उगे जब चांद, चाहे होखे ला बिहान, सईयां कबह़ूं हमार याद, आवेला कि ना के आपन आवाज दिहलन त भारत से दूर मस्कट में जिनिगी जी रहल भोजपुरिया समाज के अपना गाँव जवार के याद बरबस सतावे लागल. मनोज के गीतन के जादू अइसन चलल कि रात बारह बजे ले उनकर गवनई चलत रहल आ लोग के फरमाइश बढ़त गइल. ओहिजा मौजूद खास मेहमान लोगो झूमे लागल रहे.

मनोज के साथ आर्गन पर सोनू श्रीवास्तव, ढोलक पर संजय यादव आ पैड पर नसीम संगत दिहलें. गोरखपुर लवटला पर मनोज मिहिर कहलें कि मस्कट के भारतीय दूतावास में उनकर कार्यक्रम पूरा तरह से भोजपुरी भाषा आ संस्कृति के सम्मान रहे. बतवलन कि दू गो भोजपुरी फिल्म गुंडईराज आ सेनुरवा के लाज पूरा कइला का बाद ऊ कुछ अउरियो देशन में आपन गायिकी के जलवा बिखेरे जाये वाला बाड़न.


स्रोत : धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय, गोरखपुर

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