एहमें कवनो संदेह नइखे कि महुआ चैनल आदि का अइला आ भोजपुरी के कई गो बेबसाइट खुल गइला से भोजपुरी के क्रेज में एगो बड़हन इजाफा भइल बा. पुरान-पुरान आ स्तरीय गीतन के खोजे आ प्रस्तुत करे के चाहो जागल बा गायकन में. बाकिर ई शौक के रूप में नइखे. एकाध गो चैनल पर कबो-कबो लउक जा ता. आजो कैसेट कंपनियन के सोच में कवनो बदलाव नइखे आइल. अश्लील गीतन के बाढ़ आजुओ थमल नइखे. व्यावसायिक मजबूरी कहिके आजुओ एह मुद्दा के टाल दिहल जा ता. उत्तेजक गीतन आ पॉप म्यूजिक से भोजपुरी लोकगीत के चेहरा बिद्रूप हो गइल बा.


अइसना में शुभम इंटरटेनमेंट का ओर से जारी रामरक्षा मिश्र के वीडियो अलबम ” बनेली नादान” जेठ के झुराइल ओठ खातिर दू बून पानी नियन लागल. एह अलबम के सभे गीत पारिवारिक परिवेश में सुने लाएक बा. लइका, बूढ़ भा जवान – हर वर्ग के लायक गीत आ म्यूजिक एहमें उपलब्ध बा. कुछ पारंपरिक धुनन के आधुनिक चासनी में लपेट के प्रस्तुत करे के गायक के खास अंदाज काबिले तारीफ बा. अलबम के आखिरी गीत ” खेलवाड़ी बलमा” पूरबी के क्षेत्र में सर्वथा एगो नया आ खूबसूरत प्रयोग बा. ” बनेली नादान” में श्रृंगार रस आ नायिका के सौंदर्य वर्णन से परहेज नइखे कइल गइल बलुक शालीनता से आ प्यार से प्रस्तुत कइल गइल बा गीतन के. ” बेटी प्यार के कहानी होली” गीत सुनला का बाद त सभकर आँखि लोरा जइहें सन – पक्का बा. वात्सल्य के एतना बढ़िया उदाहरण भोजपुरी गायकी में कम उपलब्ध बा.

रामरक्षा मिश्र के नाम भोजपुरी गायकी खातिर अनजान नइखे. इहाँके अब तक चार गो अलबम बाजार में आ चुकल बा. इहाँ का आवाज के मधुरता आ प्लेबैक सिंगर नियन गायकी खातिर जानल जाईंले. इहाँके मानना बा कि अश्लील गायकी गायकन के
मजबूरी नइखे, बलुक ऊहन लोग के गायकी के सीमा बा. ओह लोगन के अपना गायकी प खुदे बिश्वास नइखे. रउरा पास गायकी के मौलिक अंदाज होखी आ सुर में ताकत त रउरा के संगीत के आकाश में छा जाए से केहू रोकि ना पाई. हँ,एकरो खातिर कैसेट कंपनियनो के आगे आवेके परी, तबे परिवर्तन व्यापक पैमाना पर लउकी. एह अलबम में ” धइले डँड़ारी चलि अइह ससुरारी” आ ” खेलवाड़ी बलमा” उहाँके सभसे पसंदीदा गीत बा.

बिश्वास कइल जाएके चाहीं कि एह अलबम के भोजपुरी श्रोता लोग खूब आदर करी आ ई खूब लोकप्रिय होई.


(स्रोत : सीमा)

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