सुर संग्राम का मंच पर शनिचर का दिन देखावल जाये वाला एपिसोड का शूटिंग का दौरान रविकिशन आ मनोज तिवारी में तू तू मैं मैं हो गइल आ बाति अतना बढ़ि गइल कि महुआ टीवी आ साईं बाबा टेली फिल्म्स के अधिकारियन के बीच बचाव कइला का बादे जा के केहू तरह शान्ति हो सकल.

बात तब शुरु भइल जब आखिरी प्रतिभागी के चुने खातिर अग्नि परीक्षा के दौर चलत रहुवे. तीनो प्रतिभागी, नीतिन मनोहर आ जीतेन्द्र, बिहारे से रहलन आ ओहमें से एगो के हटावे के रहे. पहिला दौर के प्रस्तुति का बाद तीनो जज, रविकिशन मालिनी अवस्थी आ कल्पना, असमंजस में पड़ गइल लोग कि केकरा के चुनल जाव त फेर से प्रस्तुति देबे के कहल गइल. मनोज तिवारी एह पर आपत्ति जतवलन कि शो के फार्मेट में अइसन ना हो सके बाकिर जज लोग आपन वीटौ लगा दिहल. तीनो प्रतिभागी फेर आपन प्रस्तुति दिहलन आ जज लोग फेर मुसीबत में पड़ गइल कि केकरा के खराब कहल जाव, मामिला फेर अटकल देख मनोज तिवारी फेर कह दिहलन कि ई गलत हो रहल बा. एह पर रविकिशन भड़क गइलन आ कहलन कि हमनियो के काम करे के बा आ हमनियो जल्दी घरे जाइल चाहत बानी जा. बाकिर ई तीनो अतना बढ़िया गावत बाड़े कि फैसला मुश्किल हो गइल बा. मनोज तिवारी कहलन कि पहिलके बेर फैसला कर लिहल चाहत रहुवे. ई सब गलत हो रहल बा. रविकिशन फेर भड़क गइलन आ कह दिहलन कि तुम जूनियर हो चुप रहो.

अतना कहते मनोजो तिवारी तैश में आ गइले आ कह दिहलन काहे का जूनियर ? आ मामिला तू तू मै मै पर चलि आइल, बात बढ़ते गइल. बाद में जब महुआ आ साईं बाबा टेलीफिल्म्स के लोग बीच बचाव कइल तब जा के केहू तरह मामिला सलटल बाकिर रविकिशन आ मनोज तिवारी के बीच के केमिस्ट्री जाने वाला लोग जानत बा कि अइसनका झमेला रहि रहि के फफनत रही.

अब देखे लायक रही कि एह पूरा झमेला में से कतना देखावल जात बा कतना काट लिहल जात बा. एक बेर पहिलहू कह चुकल बानी, आजु फेर कह देत बानी, को करि तर्क बढ़ावही शाखा, होइहें उहे जो गजेन्द्र रचि राखा ! संभव बा इहो सब स्क्रिप्टे के हिस्सा होखो. नाहियो होखी त कार्यक्रम के लोकप्रियता खातिर स्क्रिप्ट में शामिल कर लिहल जाई.


(स्रोत : प्रशान्त-निशान्त)

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