एह हफ्ता महुआ टी॰ वी॰ पर प्रसारित ‘सुरो के महासंग्राम’ का एपिसोड में राज्य के टीम में चुनाये के लड़ाई देखावल गइल. देख के लागल कि कइसन कइसन अनगढ़ हीरा ले के एह शो के शुरुआत होखत बा आ धीरे धीरे उहे अनगढ़ हीरा पालिश्ड हो के कतना चमकदार बन जइहें इहो देखे लायक रही. शो में जवन बात सबले चटक लउकल ऊ कि बहुते प्रतिभागी वइसन गाना चुनत रहले जवना के आम आदमी के अपना परिवार का बीच बइठ सुने में अहस लागी. सोचे लगनी कि एह हालात के जिम्मेदार केकरा के मानल जाव. गायक गायिका त बस दोसरा के लिखला के आपन आवाज भर दे देलें. फूहड़ गीत लिखे के असल दोष त ओह गीतकारन के दिहला के जरूरत बा. ना त ऊ लिखते ना केहु गाइत. बाकिर कहल जा सकेला कि फूहड़ गीतन के लोकप्रियता दिआवे में गायक गायिको लोग के हाथ होला जे अपना आवाज के गलत इस्तेमाल करत वइसनका गीत के लोकप्रियता दिआवे के कोशिश करेले. घर में बाजे चाहे ना, ट्रक, ट्रैक्टर, टैक्सी रेला ठेला में वइसन गीत खूब सुने के मिल जाला काहे कि हमनी के सुभाव हो गइल बा कि भीड़ का बीच हमनी का आदमी ना रहि जाईं.

खैर देखनी कि जब कबो वइसन गीत आवत रहे त मंच पर बइठल निर्णायक लोग इशारा से रोक देत रहे आ कहत रहे कि कूछ अउर गावऽ. एह हफ्ता के मेगा आडिशन में सब कुछ बहुते अनौपचारिक जइसन लागल. एह मेगा आडिशन से चुनाइल लोग अगिला हफ्ता से होखे वाला प्रतियोगिता में प्रतिभागी बनीहे. शो के एंकर भा सूत्रधार मनोज तिवारी बाड़े. प्रतिभागियन के चुने वाला निर्णायक मण्डल में संगीतकार सतीश, अजय आ धनंजय मिश्रा रहले.

भोजपुरी के सबले बड़ ताकत एकर गीत गवनई हवे काहेकि एही सहारे भोजपुरी आम आदमी का बीच रचे बसेले. उमीद कइल जाव कि महुआ टीवी भोजपुरी गीत गवनई के चमकदार पहलू सामने ले आई आ फूहड़ गीतन के प्रतियोगिता से बाहर राखी. हँ भोजपुरी गीत गवनई से रसिक अंदाज के हटावल ना जा सके आ ओकरा बिना भोजपुरी गीत गवनई भजन बनि के रहि जाई इहो साँच बा.

सुरों का महासंग्राम महुआ टी॰ वी॰ पर हर शुक आ शनिचर के रात 8.00 बजे से होखत बा.


(प्रशांत निशांत के भेजल रपट का आधार पर)

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