Bhojpuri Film/ Songs/Music
छोटका परदा पर लवटल गाँव के माटी के खूशबू
भारतीय मनोरंजन क सबसे सशक्त मध्यम टीवी के छोटका परदा आजुकाल्हु गाँव क माटी के सोन्ह खुशबू से गमक रहल बा. करीब करीब हर चैनल पर ग्रामीण संस्कृति से सराबोर धारावाहिकन के मांग बढ़ रहल बा आ एकर श्रेय जात बा जी टीवी के.
एक दौर अइसनो रहे जब दूरदर्शन के धारावाहिकन में त माटी क खुशबू भेंटा जात रहे बाकिर प्राइवेट चैनल बाजारवाद क दुहाई देत अइसनका धारावाहिक परोसल शुरु कर दिहले रहले जवना मे ना त हमनी के गाँव जवार के झल क लउके ना कवनो निमन कहानी. पच्चीस हज़ार लोगन क मानसिकता के टी.आर.पी. के नाम दे के पच्चीस करोड़ परिवारन पर लाद दिहल गइल आ विज्ञापनो दुनिया एही पर नाचे लागल.
विज्ञापन जगत का मांग के आधार पर धारावाहिक बने लगली सनआ हमनी के संस्कृति एही बाजारवाद क आग में झँउसा के रहि गइल. मज़े क बात त ई कि टी.आर.पी. क जवना टोटके के ध्यान में राख के धारावाहिकन के निर्माण होत रहल ओह टी.आर.पी. में सिर्फ़ मेट्रो सीटियने के शामिल कइल गइल. तथाकथित अंग्रेजीदा लोग ई भरम फैला रखले रहले कि विज्ञापन के कारोबार शहरे पर निर्भर बा. जी टीवी के कई चर्चित धारावाहिकन में लेखक और रचनात्मक प्रमुख क भूमिका निभा चुकल धनंजयो मासूम एही से इत्तिफाक राखेलें. कहलन कि एगो अइसनो जमाना रहुवे कि कवनो चैनल ग्रामीण पृष्ठभूमि के कहानियन के सुनलो पसंद ना करत रहलें. बाकिर जी टीवी के धारावाहिकन में गँवई अंदाज़ वाला किरदार डाल के मासूम एगो नया शुरुआत कइलन. जी टीवी के नम्बर वन धारावाहिक अगले ज़नम मोहे बिटिया ही कीजो के निर्माणो एही शुरुआत क हिस्सा बा.
ग्रामीण पृष्ठभूमि के विषयन पर निकहा पकड़ राखे वाला मासूम त गाँव वाला क्रिएशन नाम से ख़ुद क प्रोडक्शन हाउसो खोल दिहलन आ गँवई विषयन पर धारावाहिक निर्माण क प्रक्रियो शुरू कर दिहले बाड़न. अगले जनम.... का सफलता से दोसरो चैनेल एह तरह के धारावाहिकन का तरफ आवे लगलन. कलर्स क धारावाहिक भाग्य विधाता , स्टार प्लस क मितवा वगैरह धारावाहिको ग्रामीणे पृष्ठभूमि पर आधारित बा. अतने ना जी टीवी पर एगो आउरी धारावाहिक प्रसारण का इन्तजार में बा. बकौल भाग्य विधाता के संवाद लेखक अमित झा के एह धारावाहिकन क सफलता के वजहो सीधे लोगन का दिल में उतरल बा, ऊ बतवलन कि भाग्य विधाता के कलाकार चयन में ग्रामीण क्षेत्र के कलाकारन के महत्व दिहल गइल बा.
कुल मिला के अब कहल जा सकऽता कि छोटका परदा पर गाँव वापस लवटि आइल बा.
