नीक-जबून-2

            डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी

जरूरी बा भोजपुरी के स्वाभिमान से जोड़लRRM Vimal

      ओइसे त बहुत पहिले से संविधान का आठवी अनुसूची में भोजपुरी के डलवावे के माङ भोजपुरिया करत बाड़न बाकिर एने दु-एक बरिस से त जइसे बाढ़ि आ गइल बा. बहुत लोग एकर श्रेय लिहल चाहता. साइत एही कारन सोशलो साइट पर कई गो दल जागरन ना त धरना अभियान जारी रखले बाड़न. हम सभके लाइक क दिहींले, काहेंकि एमें फायदा ढेर लउकेला. नयो पीढ़ी अब कूदे लागल बिया एमें. बड़-बड़ शहरो में अब लइका लजात नइखन सऽ झंडा उठावे में. जय भोजपुरी. एकरे त जरूरत बा आजु.

साँच पूछीं त हम तरसि जाईंले कई बेरि भोजपुरी बोले खातिर. अहिंदी प्रदेश में बड़ा हिचकेले लोग भोजपुरी बोले में. भोजपुरी बोलत-बोलत हिंदी बोले लागेला लोग आ ना त कबो-कबो साँय-साँय बोले लागेलन. साइत डेराला लोग कि केहू गँवार जनि कहि देउ. बाकिर हमरा त एकरो से बरियार कारन बुझाला भोजपुरिया लोगन के परम उदारता आ अपना के महान लोगन का लिस्ट में जोड़वावे के सनक. दोसरा के चीज के नीमन आ अपना चीज के बाउर बतवला से आदिमी निष्पक्ष हो जाला नू ! असली बात त ई बा कि उदारता आ मूर्खता में ढेर अंतर ना होखे, खाली चेतना का कमी भा होखला से रूप बदल जाला. आपन पहिचान बदले के कोशिश से हीन ग्रंथि ना घटी भाई. अपना पहिचान के सुघर, उपयोगी, बेहतर ,कम से कम राष्ट्रीय आ ना त अंतर्राष्ट्रीय बनवला से घटी. हम त आजु ले ना लजइलीं लिखे-बोले में. भोजपुरी लिखे-बोले में काहें केहू लजाई भला ?

भोजपुरी के लिखित रूप के पढ़ल सभका खातिर आसान नइखे, ई सोरहो आना सच बा. बाकिर एकर कारन का बा ? हमार जवाब बा- अभ्यास के कमी. सभसे कठिन हटे चीनी भाषा के लिपि. जब चीनी लोग ओकरा आगा केहूके ना पूछसु आ केनियो से कमी नइखे आइल ऊहन लो’ का गुणवत्ता आ जुझारूपन में त हमनी के थथमा काहें लागल बा ? साँच त ई बा कि हमनी का अब मेहनत से भागे लागल बानी जा आ एह स्थिति के कबहूँ सुखद भा शुभ ना कहल जा सके. अपने पढ़ीं आ घर-परिवार में सभके पढ़े के माहौल बनाईं. सवाल खाली भषे के नइखे, संस्कृतियो के बा. रउरा आपन भाषा बचाईं, संस्कृति त घलुआ (डिफाल्ट) में जोगा जाई. एहसे जइसे होखे, जतना होखे, जुटीं सभे, मिलीं सभे. छाती उतान कइके भोजपुरी बोलीं जा, लिखीं जा, पढ़ीं जा पढ़ाईं जा. अब जरूरी हो गइल बा भोजपुरी के अपना स्वाभिमान से जोड़ल. सवाल दगला भा भूभुन फोरला से कुछ मिली ना. जहिया ई बात सभ भोजपुरिया के बुझा जाई, ओह दिन आठवीं अनुसूची के के पूछो, सूची-सूची में भोजपुरी छपा जाई.

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