बोले वाला बोलता आ चुप रहे वाला चुप्पा कहाला. बाकिर चुप्पा अतना आसान ना होले. कई बेर त ऊ चुप्पा शैतान होला. ढेला मार के निर्दोस जइसन चुप्पा मार के बइठल शैतान पर जल्दी केहू शको ना करे आ उ भितरे भीतर मुसुकात सब कुछ देखत रहेला. चुप्पा कई बेर एहु चलते चु्प्पी सधले रहेला कि ओकरा लगे कहे के कुछ रहे ना आ तब चुप्पी मार के बइठ गइल सबले बढ़िया होला. विद्योत्तमा जइसन विदुषी कालीदास जइसन निरा मुरुख से शास्त्रार्थ में हार गइल रही काहे कि ऊ अपना टीम का सिखवला पर चु्प्पी साध लिहले रहले आ जवन कहसु तवन इशारे से. अब ओह इशारा के व्याख्या टीम के पंडितन पर रहत रहे जे हर इशारा के अपना मनमाफिक ढाल लेत रहले. लड़िकाईं में हमरो नाम घर में चुप्पा शैतान रहे. कतहीं कुछ बिगड़ल होखे, गार्जियन लोग अंदाजा लगा लेव कि अगर कहीं कवनो सुबूत नइखे मिलत त जरुर चुप्पा शैतान के काम होई. खास कर के तब जब कवनो चीज बनावे में बिगड़ गइल होखे. घर में कुछुओ बिगड़ल लउके ओकरा के बनावे में लाग जात रहीं. बन गइल तबो ठीक ना बनल तबो ठीक. बन जाव तबो केहू से कुछ ना कहीं आ बिगड़ जाव त के कहो. पुरनका जमाना में राजा भा जमींदार का लड़िका का साथे एगो पिटउर भेजल जात रहे गुरुजी किहाँ. राजकुमार कुछ गलत करसु त ओह पिटउर के पीट के गुरुजी सजाय दे देत रहलें. आजु का राजनीतिओ में अइसने होत बा. जवन बढ़िया भइल तवन राजकुमार का चलते आ जवन बिगड़ल तवन ओह पिटउर का चलते ! लाग गइल त तीर ना त तुक्का ! राजकुमारो के खासियत बा कि चुप्पी साधे में उनुकर जबाब नइखे. बड़हन से बड़हन समस्या से देश जूझत रहो बबुआ जी कुछ ना कहीहें. आ अगर लागल कि कवनो समाधान लउकत बा त तुरते रफू मास्टर, जन संपर्क का भाषा में स्पिन मास्टर, बात के घुमावे में लाग जइहें कि देखीं राजकुमार कइसे अतना बढ़िया राह खोज निकलले. अब देखीं रउरो. बतकूच्चन करे वाला कवनो स्पिन मास्टर से कम ना होखे. जब शुरु कइनी तब लागल कि चुप्पा उनुका के कहल जात बा आ बाति खतम होत होत लागल कि उनुका के ना इनका के कहल जात बा. चु्प्पा शैतान असल में तबले चुप्पी सधले रहेला जब ले ओकरा हवा के रुख ना बुझा जाव ! बाकिर बतकूच्चन करत करत जब आदमी कनियवो के भाई आ दुलहवो के भाई बने के कोशिश कर बइठे त दुनु तरफ से पिटाये के जोग बने लागेला.

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