बतबनवा के बतकुच्चन कइल दोसर बाति ह आ घुरचियाह के घुरपेंच बतियावल दोसर. बतकुच्चन करे वाला बाते बात में सामने वाला के कुछ बता देबे के कोशिश करेला. जबकि घुरचियाह आदमी प्रपंची होला आ ओकर घुरपेंच बतियवला के पीछे ओकरा नियत के खोट होला आ ऊ सामने वाला के बुड़बक बना के आपन मकसद निकाले का फेर में रहेला. हाल का दिन में घुरपेंच बतियावे वाला ढेर लोग के दर्शन करे के सौभाग्य मिलल आ ओह लोग के घुरपेंचो के. सोझ से सोझ बाति के ऊ लोग अइसन घुरपेंचिया देत रहे कि सामने वाला के ओह घुरपेंच से निकले के राहे ना लउकत रहे. पेंच त अपने घुमवदार होला आ जब ओकरो के अउर घुमा दिहल जाव तब का कहे के ! एक त काली अपने गोर ऊपर से लिहली कमरी ओढ़. घुरपेंच बतियायेवाला घुरचियाहन के भेस भूसा से कुछ पता ना चले. कुछ त उज्जर धपधप पहिरले रहेले सँ त कुछ गेरुओ में भेंटा जइहें सँ. कहीहें सँ कुछ अउर बाकिर ओकर मतलब रही कुछ अउर. अब एह घुरपेंच का फेर में सामने वाला के हालत ऊ हो जाव जवन लड़िकाईं मे घुमरी परउवा खेले में हो जात रहे. केहू के अतना घुमा दीं गोल गोल चक्कर में कि ओकरा घुमरी आ जाव, एकरे के घुमरी परउवा कहल जाले. घुमरी मतलब वर्टाइगो, मोशन सिकनेस. अब अंगरेजी के एह मोशन आ संसद में पेश होखे वाला मोशन का बीच कवनो संबंध होखो भा ना दुनु घुमरी परउवा खेलावत लागेला. आ जब लड़िकाई के खेल इयाद आइल त घुघुआ माना कइसे भुला दिहल जाव. लड़िकन के अपना ठेहुना पर सुतवले दादा दादी नाना नानी के तरह घुघुआ माना उपजे धाना, नया भिति उठेला पुरान भिति ढहेला कहत सुता देत रहे. कुछ ओही तरह एह बीच एगो बुढ़ऊओ के देखनी जा जे सरकारे के घुघुआ माना खेला दिहलें आ बदलाव के एगो नया बयार बहा दिहलें. अलग बाति बा कि आजुकाल्ह के लड़िका लड़िकी अतना सयान हो गइल बाड़ी सँ कि अपना अभिभावकन के तिगिनी के नाच नचावे के ताकत राखेली सँ. सरकारो बुढ़ऊ के आपन खेल देखाई अतना तय बा आ शायद एही चलते ऊहो कहले बाड़न कि अबही त इन्टरवल भइल बा. कहानी अबही बाकी बा, ससपेंस क्लाईमेक्स सब कुछ. तबले घुरपेंचात रहीं. आ घरघुसना घतियाहन से बाँचत रहीं.

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