आजु जब बतकुच्चन करे बइठनी त मन सरोकार-सरकार-सरकँवासी से सरकत गझिन आ फाँफर पर आ के अटक गइल. सरोकार-सरकार-सरकँवासी पर पहिले बतिया चुकल बानी आ ओकरा के दोहरवला के कवनो जरुरतो नइखे. बाकिर गझिन आ फाँफर के चरचा समय का हिसाबो से फिट बइठत बा. विपक्षी जब रउरा खातिर गझिन जाल बुनत होखसु, त राजनीतिक सूझबूझ एही में बा कि ओह जाल में कवनो ना कवनो फाँफर खोजि के निकल जाईं. आ एकरा ठीक उलटा इहो कहल जा सकेला कि, रउरा हर गझिन तानाबाना का बावजूद कवनो ना कवनो फाँफर अइसन रहिये जाई जवना से राउर असल चेहरा झलकि जाई.

पिछला दिने अइसने भइल जब सभका के टोपी पहिरावे वाला के एक जने टोपी पहिरावे के नाकाम कोशिश कर दिहलन. बड़ा हल्ला मचल कि देखीं ना फलनवा टोपी ना पहिरलसि. बाकिर अगर जे कहीं उ पहिर लिहले रहितन त उहो लोग थपरी बजाइत कि, देखऽ भाई लोग, फलनवा टोपीओ पहिर लिहलसि. जमाना जे बा नू से कि रउरा के तनिको आराम ना लेबे दी. हर हाल में ऊ रउरा पर बीसे साबित होई. आ राउर हालत ओह चाकर के हो जाई जेकरा हुकुम मिलल होखे कि, खड़ा बाड़ऽ त कोड़ऽ, बइठल बाड़ऽ त चिखूरऽ. अब एह गझिन जिनिगी में फाँफर खोजत आम आदमी कहाँ जाव, का करो.

अब एह बतकुच्चन से अतना साफ त होइये गइल कि गझिन का कहाला आ फाँफर का. गझिन जवन घन होखे, जेहमें से सँसरे के जगहा ना मिले. आ फाँफर मतलब गैप, गझिन हालात में मिलल भा लउकल हर अवसर, मौका के कहल जा सकेला. छान्हि में फाँफर होखो त मूंज कतनो गझिन बिछावल गइल रहो, बरखा के पानी टपकबे करी. एही से कहल गइल बा कि, मजबूत से मजबूत जंजीर ओतने मजबूत होला जतना ओह जंजीर के सबले कमजोर वाली कड़ी. लाख सावधानी का बादो रउरा कवनो फाँफर मे पड़ि के नीचे गिर सकीले आ लाख गझिन हालात में अपना मन में उछाह बनल रहि जावो त कवनो ना कवनो फाँफर मिलिये जाई निकले के. एहसे कबो हार मत मानीं. लागल रहीं फाँफर का तलाश में, आ बुनत रहीं अपना लगन आ मेहनत से सफलता के गझिन प्रयास. कहे के मतलब कि सब कुछ देखे वाला के नजरिया पर बा कि, गझिन भा फाँफर हर हाल में ऊ कइसे सफल बनो. आजु अतने.

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