भोजपुरी भाषा आ साहित्य के प्रति भोजपुरिया लोग हमेशा से लागल रहल बा. कई दशकन से ई एगो आंदोलन के रूप ले लेले बा। एह आंदोलन के तहत भोजपुरी नाट्य साहित्य के समृद्ध करे में साल 1978 से लागल बा रंगश्री। रंगश्री संस्था के शुरुआत भले बोकारो से भइल बाकिर एकर नाट्य मंचन देश भर के कई प्रमुख शहरन में हो चुकल बा। लगभग 16 साल से रंगश्री दिल्ली में भोजपुरी रंगकर्म के खड़ा करे में आपन सक्रिय भूमिका निभा रहल बा। रंगश्री के संस्थापक आ सुप्रसिद्ध रंगकर्मी महेंद्र प्रसाद सिंह जी के भोजपुरी रंगकर्म खातिर दिल्ली सरकार “बिहार सम्मान” से नवाजियो चुकल बा।

भोजपुरी नाट्य-साहित्य के संरक्षित आ समृद्ध करे में लागल संस्था “रंगश्री” के हमेशा से एगो कोशिश रहल बा कि भोजपुरी नाटकन के मंचन देश के अलग-अलग कोना में होत रहे। एकरा साथे – साथे इहो कोशिश रहल बा कि भोजपुरी के नाटक दोसरा भाषा में आ दोसरा भाषा के नाटक भोजपुरी में होखे ताकि भोजपुरी नाटकन के आउर सशक्त बनावे में आ लोग के असली भोजपुरी से साक्षात्कार करावे में एक कदम आगे बढ़ल जाव। रंगश्री के प्रयास रहल बा कि भोजपुरी के नया-नया कलाकारनो के आगे बढ़ावल जाव. एहिसे रंगश्री आयोजित कर रहल बा “रंगश्री नाट्य लेखन प्रतियोगिता”।

एह प्रतियोगिता में केहूओ आपन भोजपुरी नाटक भेज के शामिल हो सकेला। नाटक के अवधि कम से कम 1 घंटा के होखे के चाहीं। नाटक भेजे के आखिरी तारीख बा 31 अगस्त 2017, अक्टूबर में विजेता के घोषणा होई आ पहिला, दूसरा, तीसरा स्थान पावे वाला लेखक के इनाम स्वरूप नगद राशिओ मिली। एह अभियान के आउर मजबूती देवे खातिर नवजागरण प्रकाशन चयनित नाटकन के प्रकाशन कराई. भोजपुरी में लिखेवाला लोग खातिर ई एगो सुनहरा मौका बा। प्रतियोगिता में भाग लेवे के आखिरी तारीख 31 अगस्त बा अधिका जानकारी खातिर 011-42781030 भा 09911058431 नंबरन प सम्पर्क कइल जा सकेला।

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