भोजपुरी किताब छपवा चुकल लेखक प्रकाशकन से एगो निहोरा

बहुत खुशी के बात बा कि रउरा आपन भोजपुरी किताब छपववले बानी. अपना ओह किताब के विज्ञापन रउरा अँजोरिया परिवार के नयका बेबसाइट प दीं. विज्ञापन शुल्क सिर्फ एकबार देबे के होखी आ ऊ विज्ञापन हर साल रउरा से पूछ के बिना कवनो शुल्क लिहले नवीकृत करत रहल जाई. बाद में जब अँजोरिया के पुस्तक क्लब में गाहक जुटे लगीहें त रउरो किताब के एगो बाजार मिले लागी आ भोजपुरी के बढ़ावा देबे में ई राउर बड़हन योगदान होखी.

अधिका जानकारी ला आजुए संपर्क करीं. साथ में अपना किताब के कवर के फोटो, किताब मिले के पता, ओकर दाम आ कतना प्रति अबहीं उपलब्ध बा एहू बात के जानकारी भेज देब त सहूलियत होखी. रउरा चाहब त अपना पहिले से प्रकाशित किताब के फेर से प्रकाशित करवा सकीलें.

भोजपुरी किताब के बढ़ावा देबे ला लेखक लेखिका, पाठक पाठिका, प्रकाशक, आ ग्राहक सभकर सहयोग होखल मिलल जरूरी बा.

रउरा सभे के,
ओम

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