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आजु जब बतकुच्चन करे चलल बानी त टीवी प बकतूत होखत बा. अटकर पचीसी लगावे वाला लोग आपन आपन अंदाज लगावे में लागल बा कि ऊँट कवना करवट बइठी. अब ऊँट के का, कवनो करवट बइठ सकेला. आ एही सब का बीच हमरा दिमाग में बतकुच्चन के मसाला भेंटा गइल. सरधांजलि आ तिलांजलि. साध आ सधल साधल.

जवना जीयत आदमी ला सरधा होला उ मर जाव त ओकरा के सरधांजलि दीहल जाला. जीयत के सरधांजलि ना दीआव मन करे त तिलांजलि जरूर दीहल जा सकेला. सरधांजलि मुअले पर दिआला. अँजलि माने कि अँजुरी. दुनु हाथ मिला के कटोरा जस बना लीहल जाव त ओकरा के अँजुरी कहाला. अब एह अँजुरी से फूल चढ़ावल जाव भा पानी भा तिल. अंजलि भर तिल माने कि तिलांजलि बाकिर एकर असल मतलब होला तजल. भा छोड़ल. केहू से भा कवनो विचार से हर तरह के नाता तूड़ल. से एह चुनाव में मतदाता जिनका के तिलांजलि दे दिहले उ हार गइल. जेकरा के माथे चढ़ा लिहलें से जीत गइल. जिनका में सरधा रहल उनका के जीता दीहल लोग आ जिनका में ना रहल उनका के तिलांजलि दे दीहल.

सरधे से मिलल जुलल शब्द होला साध. साध माने कि कामना, इच्छा. जे अपना साध के साध लीहल से साधक हो गइल. साध के साधे ला साधना करे के पड़ेला. साधना ला साधन कम साध के जरूरत बेसी होला. काहे कि साध ना रही त साधना ना हो पाई. आ साधक का मन में साध होखल जरूरी होला. साधना आ सधुक्कड़ी में फरक होला. चाह गई चिन्ता मिटी मनवा बेपरवाह, जिनको कछु नहीं चाहिए सो है शाहंशाह. अब एहिजा आ के साधक आ साधू,का बीच मामिला गड्डमड होखे लागल बा. दिमाग साधु सन्यासी आ संत का बीच के अंतर खोजे लागल बा. साधु जरुरी नइखे कि संतो होखे. साधु आचरण आ बेवहार से होला जबकि संत विचार से.

अब चलल जाव सधल साधल प. प लिखनी त याद पड़ल कि अंगरेजिए में कबो कबो आर सायलेंट ना होला भोजपुरिओ मे कबो कबो र के सायलेंट राखे पड़ेला. भोजपुरी के वर्तनी तय करे के होखे त अपना बोली प ध्यान दीं. उहे लिखीं जे बोलीलें. भोजपुरी में एगो बड़का विवाद ई के इस्तेमाल में होला. भइल लिखल जाव कि भईल? कइल लिखल जाव कि कईल? एकर जवाब ई बा कि जब कइल, गइल, भइल, धइल बोलीलें त उहे लिखल करीं आ माई़ भाई, गाई बोलीले त उहे सही बा. आ गलत बोलीलें त सुधार लीं ओकरा ला गलत लिखहूं के आदत मत डाल लीं.

हँ त सधल साधल मतलब जवना के साध लिहल गइल होखे आ ओही साध लीहल तरीका से करे के सधल साधल कहाला. जवना के साधे के बा से साध्य ह आ जवन सधा गइल तवन सध गइल. सधला के एगो मतलब खतम होखल भा पूरो होखल होला. अब इ सधल खाना सधला का बारे में होखो भा साध्य सधला के, सवाल सधला के.

अब अउर कुछ सधल होखे भा ना हमार त मामिला सध गइल से चलत बानी, तबले रउरा एकरा के सधाईं जवन परोसा गंइल बा.

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