1. भोजपुरी में बतियाईं मत आ जे बतियावे ओकरा के गँवार बताईं. बचवन के भोजपुरी में बतियावे मत दीं. अंगरेजी में गिटिर पिटिर करीहें स त ढेर आगा जइहें सँ.
  2. भोजपुरी के कवनो किताब, पत्रिका ना त खरीदीं ना पढ़े के कोशिश करीं. काहे कि भोजपुरी पढ़ल आसान ना होला. एहसे भोजपुरी लिखनिहारन आ प्रकाशकन के हिम्मत तूड़ल जा सकेला.
  3. नेट पर कबो कवनो भोजपुरी साइट मत विजिट करीं.
  4. भोजपुरी के गाना आम आदमी बहुते सुनेला आ ओकरे बतियवला का चलते आजु ले भोजपुरी जिन्दा बिया. एहसे भोजपुरी गाना पर तरह तरह के अछरंग लगा के ओकरा के रोके के कोशिश करीं. रउरा अपने त नाहिए सुनीं दोसरो के मत सुने दीं.
  5. भोजपुरी के तरह तरह के संस्था बनाईं बाकिर गलतिओ से ओकर कामकाज भोजपुरी में मत करीं. मान्यता खातिर लड़ाईं लड़ीं बाकिर भोजपुरी के इस्तेमाल मत करीं.
  6. अगर भोजपुरी में लिखल जरूरी होखे त भरसक कोशिश करीं कि सही सुबहित भोजपुरी मत लिखाव. हिन्दी के विद्वान हईं त रउरा खातिर काम बहुते आसान बा. हिन्दी में लिख के ओकरे के भोजपुरिआ दीं.
  7. कइल, गइल, भइल जइसन शब्दन का जगहा कईल, गईल, भईल वगैरह लिखल करीं.
  8. कोशिश करीं कि भोजपुरी में लोग ‘भी’ लिखे पढ़े आ सुने के आदत डाल लेव. बाद में हिन्दी के अउरियो विभक्ति के इस्तेमाल कइल आसान हो जाई.
  9. बेमतलब ऽ निशान डालल करीं. एहसे पढ़े वाला के अझूरावल भा चिढ़ावल आसान हो जाई आ ऊ पढ़ल छोड़ आगे बढ़ जाई.
  10. कि आ की के मतलब आ फरक ना त जाने के कोशिश करीं ना लोगो के जाने दीं. जे रउरा से कि आ की के फरक पर बतियावे के कोशिश करे ओकरा से बोलचाल बंद क दीं.
  11. रउरा गलत भोजपुरी के केहू सुधारे के कोशिश करे त ओकर प्रकाशन छोड़ दीं. आजुकाल्ह वेबसाइट चलावल बनावल बहुते आसान हो गइल बा. आपन अलगे प्रकाशन शुरू क दीं. कोशिश रहे कि भोजपुरी के कवनो प्रकाशन के बेंवत अइसन मत बढ़ पावे कि ओकर आवाज सुनल समाज आ सरकार के जरूरी लागे लागे.
  12. अगड़ा पिछड़ा दलित साहित्यकारन के समाज से आगा बढ़ के अपना जाते के लिखनिहारन के बढ़ावा दीं. बाद में हो सके त अपने पर-पटीदारन के संगठन बना के भोजपुरी के आगा बढ़ावे का नाम पर टाँग ध के लटक जाईं.
  13. भोजपुरी सिनेमा के प्रचारक बन जाईं आ हर तरह के कूड़ा कबाड़ के शानदार फिलिम बतावे के धंधा से कमाई करीं. अइसन करीं कि नीमन बाउर के फरक मेटा जाव. हर कलाकार के कवनो ना कवनो नाम से स्टार सुपर स्टार बताई. भा हिन्दी सिनेमा के कवनो कलाकार के नकल बता के ओकरा अकल के फलूदा बना के आपन कमाई करीं. फिलिम बनावे आवे वाला आँख के आन्हर गाँठ के बरियार के बुड़बक बना के आपन झोरी भर लीं. बाद में ओकरा त किरिया खाइए लेबे के बा कि दोसर फिलिम ना बनाएब.
  14. हम जानत बानीं कि एतना का बादो कतना तरीका रउरा मालूम होखी भोजपुरी के खतम करे के. हर तरीका के इस्तेमाल करीं. भोजपुरी के अइसन बरबाद कर दीं सभे कि हिन्दी का राह में कवनो रोड़ा ना लउके. ना रही बाँस ना बाजी बँसुरी!
Advertisements