अहजह

– नीमन सिंह

neeman-singh
बतइब हो हम का करीं…..
कइसे करीं
कइसे रहीं
का खाई
का पहिनी ?
बतइब हो हम का करीं….

कहवां मूती कहवां हगीं
केकरा संगे बात बिचारी
बतइब हो हम का करीं…..

केहू कहे हई करs
केहू कहे हउ करs
केहू कहे मउज करs
बतइब हो हम का करीं…..

जेकरा कउनो लूर नईखे
उहो बतावे हउ करs
मन करे तवन करs
जवन कहे तवन करs
हम त अहजह में पड़ गइल बानी..
बतइब हो हम का करीं…..?

Advertisements

1 Comment on "अहजह"

  1. अस्ती बाबु | September 24, 2016 at 10:00 am | Reply

    नीमन

Leave a Reply

%d bloggers like this: