– ओ.पी .अमृतांशु


बरसे रंगवा हुलसे मनवा ,
नील गगनवा रंगाइल !
महँगिया खूब ईठलाइल ,
आइल होली आइल रे !!

मस्त फगुनवा मस्ती के दिनवा ,
झूमेला गेठ जोडिके सरकारवा,
भइल करोडो हॉय  रे घोटाला
सउँसे खजाना लूटाइल !
महँगिया खूब ईठलाइल
आइल होली आइल रे !!

सस्ता मोबाइल इलाज  भइल महँगा
कईसे किनाई गोरी कँगना-लहँगा
एसनो पावडर हॉय  होठलाली
बजट में नाहि समाइल !
महँगिया खूब ईठलाइल ,
आइल होली आइल रे !!

का खईब – खिअईब पुआ – पकवान 
दाल-चीनी ,तेलवा के भाव आसमान 
केसर – बादाम हॉय -हॉय  किशमिश 
बिन दुधे के भाँग घोराइल !
महँगिया खूब ईठलाइल ,
आइल होली आइल रे !!

लाल-पियर ना रंग हरियरका 
सभे के मुँहे पोताइल बा करिखा 
भइल सिहांसन बा मजबूर 
दूर-दूर ले जोगीड़ा गावाइल !  
महँगिया खूब ईठलाइल ,
आइल होली आइल रे !!

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