नवगीत

GangaPrasadArun

– गंगा प्रसाद अरुण

संता, जाने कइसन महभारत फेर आइल बाटे
चकराबिहू रचाइल बाटे ना!

केकर कइसे गोड़ कबारीं
केकरा के कइसे हम जारीं
डेगे-डेग इहाँ पर लाखा-घर सिरजाइल बाटे
चकराबिहू रचाइल बाटे ना!

अनकर अस्तर-सस्तर बोले
बीचे धरम-जूझ मन डोले
जोधा बर्हमफाँस में एकइस के अझुराइल बाटे
चकराबिहू रचाइल बाटे ना!

बूझीं तच्छक कुल के पूता
अरजुन के अरिजन अस बूता
करना के धनुही पर ‘अश्वसेन’ तरनाइल बाटे
चकराबिहू रचाइल बाटे ना!

सातिर जिरजोधना के सूरा
मिल के कइलें बकिया पूरा
सतेआँ फाटक निहथा बिर अभिमना धराइल बाटे
चकराबिहू रचाइल बाटे ना!


संपर्क :
09234872041

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