फहरावs फहरावs तिरंगा
आसमान में फहरावs ।

केसरिया के अमर सनेसा
शान्ति रहो सुख चैन रहो
तप के धनी रहो ई धरती
प्रेम मगन सब नैन रहो
ईहे भाव लेके ए भईया
झंडा का नियरा आवs।
फहरावs फहरावs तिरंगा
आसमान में फहरावs।

ऊजर धप धप के सनेस बा
हंस बनs ज्ञानी होखs
ज्ञान तेज से चमके भारत
संतोषी दानी होखs
वेद वि्वेकी बनो देस
ई भाव फूल तू बरसावs।
फहरावsफहरावs तिरंगा
आसमान में फहरावsय़

हरिहर अंचरा के सनेस बा
बन – जीवन के रखवारी
धानी रंग खिले धरती पर
चहको महको फुलवारी
हरखित मन से धजा उठावs
धरती भर में लहरावs।
फहरावs फहरावs तिरंगा
आसमान में फहरावs।

– प्रो. हरीन्द्र “हिमकर”
रक्सौल ।

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