गीतकार- लाल बिहारी लाल

स्त्री स्वर-
सांवरिया आ जइतऽ एक बार
अंखियाँ कब से राह निहारे,
नैना तरसे हमार
सांवरिया आ जइतऽ एक बार….

पानी बिन मछरी के जइसे, तड़पी रोज पिया
तोहरे याद मे बेसुध होके, भटकी रोज पिया
दिने-दिन प्यास बढ़त बा, लागे ना जीया हमार
सांवरिया आ जइतऽ एक बार….

भूल भइल का हमसे राजा, आ के द तू बता
कवना बात के ऐ तू राजा, देत बारऽ सजा
प्रीत के रीत में दर–दर भटकी, सुन ल हमरो गुहार
सांवरिया आ जइतऽ एक बार….

आके पुरा जा लाल के लालसा, कहेले लाल बिहारी
अब ना अइसे काम चलीऽ, बुझऽ तू हमरो लाचारी
तड़प-तड़प दिन रात बीतेला, कब होई मिलन हमार
सांवरिया आ जइतऽ एक बार….

पुरुष स्वर-
तोहरे प्यार में तड़पी धनिया, मनवा बेकरार
बार-बार इहे हम सोंची. कब होई मिलन हमार
ये धनिया आइब एह ऐतवार,
ये धनिया आइब एह ऐतवार,

सांवरिया आ जइतऽ एक बार….सांवरिया आ जइतऽ एक बार….


बदरपुर, नई दिल्ली
फोन- 7042663073

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