– जयंती पांडेय

जान जा ए रामचेला, ई सीपीएम वाला लोग एकदम बेवकूफे होला. जेकर बड़ाई करे के ओकर मार शिकायत करऽता लोग. अब नरेन्दर मोदी कोलकाता आ के ममता दीदी के सरकार के बड़ाई का कर गइले कि बुझाता कि ई लोग के पेट में कलछुल घुमऽता. तनिको चैन नइखे. जवन ईमानदारी आ सच्चाई के चलते बड़ाई करे के चाहीं ओही के ले के मार मुँह चलावत रहऽता लोग. खाली कारण ई बा कि बड़ाई करे वाला अब भगवा झंडा वाला पार्टी के रहे. सब लोग एकरा पहिलहू ओकर अध्यक्ष जी के घोटालाबाज बतावे खातिर मार अईंठत चले लोग, मीडिया फरके चिल्लात रहे. आ ओकर सुनि के गिरहथ विश्वासो क ले ता. लेकिन ई त बेवकूफी ह, बिलकुले नासमझी ह. मीडिया त पहिलहीं से पगलाइल बा लेकिन रामचेला तहरा अइसन हुशियार, चालाक, आ बुद्धिमान लोग के का भइल बा कि गरीब किसान, मजदूर आ अइसने लोग के विकास क के नया राजनीतिक विकल्प तइयार करे के कोशिश में लागल नेता लोग के बदना करे के साजिश नइखे बूझि पावत. नइखे बुझात त चुप रहे के चाहीं. लेकिन ढोल बजा बजा के चारू इयोर गावत चलऽता लोग आ उनका के पद से हटावे खातिर चलत प्रचार में साथ देता लोग.

बाबा लस्टमानंद सुर्ती थूकि के रोसा चढ़ा के रामचेला से कहलें कि, ऊ कवन नेता बा ई पृथ्वी पर जे आपन बेटा बेटी, दमाद, सार, भतीजा, भतीजी आ परिवार के आउर लोग के छोड़ के डराइवर, माली, चौकीदार आ नीकर के अपना कंपनी के डायरेक्टर बनावत होखो. लेकिन दीदी के देखऽ केहु अइसन कहि देउ त हम गुलामी करब ओकर. लेकिन ई लाल पार्टी के लोग बा कि जब एहिजा कहे के कुछ नइखे भेंटात त दिल्ली में गदर मचा देत बा लोग. ई कवन राजनीति ह कि केहु के रास्ता में ध के पीट दऽ. अरे जब इहे करे के रहे त राजनीति में काहे आइल भाई. इहे करऽ त मोहल्ला के दादा कहइतऽ, खाए कमाए के जोगाड़ ओहू में रहे. रोबदाबो रहे. सबसे खराब बात त ई ह रामचेला कि छात्र लोग अइसन करम करऽता. गइल बा लोग माई बाप से कहि के पढ़े जातानी, आ जा के मारामारी करऽता लोग. पढ़ि लोग ना आ नोकरी ना मिली आ कुछ सीख पाई लोग ना त कवनो धंधो ना कर पाई लोग त बस बजारे में घूम घूम टिटकारी मारी लोग आ माई बाप के होटल के रोटी तुरी लोग. ई समूचे छात्र पीढ़ी खातिर गड़बड़ बा. भगवान ई लोग के सुबुद्धि देस कि पढ़े गइल बाड़ऽ त पढ़ऽ.

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