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– जयंती पांडेय

मोदी जी जापान गइले. उहां जा के जान जा रामचेला तासा बजवले. कतहत बड़हन काम कइले. लेकिन आहु पर विवाद हो गइल. कई गो प्रगतिशील भाई लोग पेट बिगड़ गइल. अतने ना मोदी जी खदे जापान में कहले कि राजा और प्रधानमंत्री के गीता दीहला पर देश में विवाद हो जाई. बाबा लस्टमानंद कहले कि जब मनमोहन भइवा के सरकार गइल तऽ बुझाइल कि सब विवाद खत्म हो जाई पर जब से मोदी भाई अइले तबे से विवादो आ गइल. सरकार के सौ दिन भईल आ सौ गो विवाद लाग गइल ओकरा संगे. अब ई सब विवादन से बड़ा मुश्किल हो गइल बा. मुश्किल सरकारे के नइखे मुश्किल पाब्लिको के बा. अब देखऽ ना, जब सरकार बनल तबे एगो मंत्री के योग्यता पर विवाद हो गइल. लोग लागल कहे कि शिक्षा मंत्री के पद जोगे क्वालीफिकेशन नइखे. अब लोग ई योग्यता ना देखऽल कि उनका के मोदी जी बहिन कहेले आ ऊ राहुल जी के खिलाफ चुनाव लड़ली. अतने नाहीं ऊ सास बहू वाली एक्टर हई आ अतना रोइहें कि बरखा के दरकार ना परी.

एकरा बाद विवाद हो गइल सेनाध्यक्ष के नियुक्ति पर. ई नियुक्ति के ले के पूर्व सेनाध्यक्ष आ आज के मंत्री जी विवाद पैदा कऽ दिहले. केहु तरह विवाद अभी पटाइल कि राजस्थान के अदालत एगो मंत्रीजी के बलात्कार के मामला में सम्मन भेज दिहलस. एकरा कसहुं मेटावल गइल आ प्रधानमंत्री जी विदेश यात्र पर निकलले कि एक बड़हन पत्रकार के महत्वाकांक्षा सरकार संसद दूनो सांसत में डाल दिहलस. बाब फेर कहले कि सरकार होई तऽ विवाद होखबे करी. हां अतना कम समय में आतना विवाद सचहु आश्चर्य में डाल दे रहल बा. कहल जाला नु कि ‘पूत के पांव पलने में लउक जाला’ ओसही ई कुल्ही विवाद कवनो नया इशारा तऽ नटा हऽ. हां, ई तऽ बात बा कि सौ दिन में सौ विवाद से सरकार आउर सरकारन से फरका बुझात बिया.


जयंती पांडेय दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में एम.ए. हईं आ कोलकाता, पटना, रांची, भुवनेश्वर से प्रकाशित सन्मार्ग अखबार में भोजपुरी व्यंग्य स्तंभ “लस्टम पस्टम” के नियमित लेखिका हईं. एकरा अलावे कई गो दोसरो पत्र-पत्रिकायन में हिंदी भा अंग्रेजी में आलेख प्रकाशित होत रहेला. बिहार के सिवान जिला के खुदरा गांव के बहू जयंती आजुकाल्हु कोलकाता में रहीलें.

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