एकरा के हटावल बहुते जरुरी हो गइल बा : बतंगड़ – 80


– ओ. पी. सिंह
एह घरी देश में एकही बात सुनाई देत बा – एकरा के हटावल बहुते जरुरी हो गइल बा. अगर कहीं ई पाँच बरीस अउर रहि गइल त हमनी के जिनिगी नरक करा दी. चारे बरीस में ई जइसन जइसन काम करा दिहले बा कि एकरा के हटवला का बादो पता ना कतना बरीस लागी फेरु उहे रामराज ले आवे में जब मौनी बाबा बारबाला का इशारा पर नाचत रहलन आ पूरा देश के कारोबारी, अफसरान, भठियारा शान से जीयत रहलें. ना त कानून के डर रहे ना करजा चुकावे के फिकिर. कश्मीर, केरल से लगवले बंगाल आसाम ले जनसंख्या के संतुलन बनावे के दौरो थथम गइल बा. अब केरल आ बंगाल छोड़ अउरी कवनो राज्य में हिन्दुवन के ठेठावल संभव नइखे रहि गइल. कइला पर एढ़ा के डेढ़ा मिले के अनेसा हो गइल बा.
तबहिएं नू अपना राज के जरत छोड़ि के दिदिया सगरी देश के नेतवन के समुझावे बतावे में लागल बाड़ी कि एह निकम्मा के अगिला चुनाव में ना हरावल गइल त रोहिंग्यन के बसावल मुश्किल हो जाई, रिलीजन आफ पीस वालन के जियल मुहाल हो जाई. पचास पचास हजार के जमानत पर आजाद घूमल बन्द हो जाई. आ के जानत बा कि अगिला बेर जमानतो मिलल मुश्किल हो जाई. आखिर प्रतिबद्ध न्यायपालिका कबले हमनी के जान बचावत रही जब ओकर आपने जान साँसत में पड़ल बा. संतोष अतने बा कि पिछला रामराज का दौरान न्यायपालिका के छुट्टा साँढ़ बने के आजादी दीहल अब कामे आवत बा. अगर जे कहीं ओहिजो राष्ट्रवादियन के पैठ हो गइल त फेर कवनो कोना ना बाची हमनी के पोसुआ आ देश के टुकड़ा टुकड़ा करे वाली जमात खातिर. फेर का होखी. सोच सभे आ आपन आपन लार टपकावल कुछ दिन ला बन्द क के एकजुट हो के पहिले त एकरा के हटावल हरावल जरुरी बा ओकरा बाद हमनी का आपस में आपन आपन बाँट-बखरा क लीहल जाई. अबहीं त हालात अइसन हो गइल बा कि पहिले से हाथे लागल गरइओ हाथ से बिछिलाइल भागे का फेर में बिया.
एगो ऊ समय रहुवे जब देश के एक से एक हरामखोर भठियारा बेईमान शान से देशे में रहत रहलें आ कुछेक के त हमनी का सांसदो बनवा देत रहीं जा. अब त देश छोड़ भगला का अलावा कवनो दोसर राह नइखे रहि गइल. आ एकर प्रभाव दिने दिन अइसन बढ़ल जात बा कि विदेशो में ढेर दिन ले आजादी मनावल संभव ना हो पाई आ आपन सगरी कुकर्म के फल भुगते ला वापिस आवे के पड़ी भा टाँग मँगवाई ई.
खुशी के बात त इहो बा कि एनेलिटिका के सलाह मानत हमनी के देश का हिन्दुवन के लड़ावे भिड़ावे में कामयाब होखे लागल बानी जा. अगर जो कहीं हिन्दुवन के एकजुटा ना टूटल त बहुते मुश्किल होखे वाला बा. आखिर पाकिस्तान एही फिकिरे नू हमनी के हर संभव सहायता करे में लागल बा जबकि ओकरे पीएम के अमेरिका में नंगाझारी क दीहल जात बा आ ऊ बेचारा शिकायतो करे जोग नइखे मानल जात. एक समय ऊ रहे जब हमनी का अमेरिका इंगलैण्ड से कहत रहीं जा कि एह आदमी के वीजा ना दीहल जाव आ आजु ई हालत बा कि हमनियो के इंगलैण्ड अमेरिका जाए में डर लागत बा. पता ना कब कवन पुरनका मुकदमा खोलवा के भीतर करवा दी ई आदमी. ई बाजपेयी जइसन सिधवा ना ह कि कुकुरो एकर मुँह चाट ले.
बस हिन्दुवन के कवनो ना कवनो तरीका से भड़कावत रहला के जरुरत बा कबो जात का नाम पर, कबो भाषा का नाम पर, कबो आरक्षण का नाम पर. आखिर आजादी का बाद ई विषबेल एही ला नू लगावल गइल रहुवे.

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