का लिखीं, का छोड़त जाईं : बतंगड़ – 82


– ओ. पी. सिंह
हर बेर जब बतंगड़ लिखे बइठिलें त मन में कवनो ना कवनो खाका बन चुकल रहेला आ बाति पर बाति निकलत जाले आ बतंगड़ई पूरा हो जाले. बाकिर पता ना काहे आजु मन बेचैन बा. कई बेर श्रीमती जी टोकबो करेली कि का रात दिन कंपूटरवा में मूड़ी घुसइले राखीलें. तनी बाहरो के दुनिया देखल करीं. आ हम उनुका के हर बेर समुझावत समुझावत हार जानीं कि एह कंपूटरवे से हम भर दिन दुनिया देखत रहीलें.
आजु बूझाता कि यूरेका मोमेन्ट हमेशा हमरा सोझा रहल, पेड़ पर से सेव हमेशा नीचहीं गिरत रहल बाकिर जब न्यूटन का कपारे पर गिरल त उनुका एगो बड़हन सिद्धांत भेंटा गइल. अलग बाति बा कि ऊ त तीने गो नियम लिख के छोड़ि दिहलें आ हमरा मेडिकल कॉलैज में पहिला दिने एह सवाल के जवाब ढूंढ़े पड़ गइल कि न्यूटन के चउथका सिद्धान्त का ह ? हाथ जोड़े के पड़ि गइल कि माफ कइल जाव श्रीमान बाकिर हमरा न्यूटन के तीने गो सिद्धान्त याद बा. खैर, आगा जवन बीतल तवन बतवला के जरुरत ना होखे के चाहीं. हमनी का समय में रैगिंग पर ना त रोक रहुवे ना रैगिंग के बाद वाला भयानक रुप आइल रहे तब. कुछ हँसी ठिठोली, कुछ खिंचाई, कुछ उठा बइठकी में काम निपट जात रहुवे.
बाति बहकि जाव एहसे पहिले फेरु श्रीमती जी पर लवटत बानी – जइसे उड़ी जहाज के पंछी पुनि जहाज पर आए. हमेशा सोचत रहीं कि मलकिनिया के मिजाज हमेशा घरे परिवार पर कइसे टिकल रहि जाला. बाकिर आजु यूरेका मोमेन्ट आइए गइल. राज पता चलि गइल. ऊ ना त अखबार पढ़ेली, ना टीवी देखेली. उनुका का मालूम कि तीन महीना पहिले घटल घटना अचके में अतना बड़ बना दीहल जाई कि लागी कि देश का सोझा त बस एके गो समस्या बा. टीवी का दुनिया में टाइमिंग हमेशा खास होला. जब जब लागेला कि बबुआ जी भा कवनो नेताजी फांस में अझूरा गइल बाड़ें त कवनो ना कवनो अइसन मसला खोज निकालल जाले कि सभकर धेयान बबुआ नेताजी पर से हटि जाव.
कुछ दिन पहिले बबुआ नेताजी उपास पर बइठे के एलान कइलन. उपासे पूरा चार घंटा रहे के रहुवे उनुका. अब हिन्दुस्तान का इतिहास में अइसन घंटा उपवास देखे के ना मिलल रहुवे केहू के. अबहीं ले आमरण अनशन, बेमियादी अनशन, रिले अनशन, एक दिन के अनशन वगैरह होत आइल रहुवे बाकिर अब उपास में घंटा गिनल जाई आ हो सकेला कि आगा चला के कवनो अइसनो नेता आ जासु जे पूरा पाँच भा सात मिनट के उपास पर बइठसु. खैर बबुआ नेताजीओ ओह दिन पूरा दू घंटा तेइस मिनट उपासे बइठलन बाकिर ओह से पहिले उनुका चेला चाटियन के हकच के खाए वाला सीन वायरल हो चुकल रहुवे. बबुओ जी के ठूंसे में समय लागल होखी काहे कि उहो डेढ़ घंटा देरिए से बइठलन आपन घंटा उपास पर. स्वाभाविक रहुवे कि सोशल मीडिया लुहे लुहे कर उठी आ लुहेड़ा लुहे लुहे करियो दिहलन स.
कुछे दिन बाद बड़को नेताजी अपना उपास रहे के एलान कर दिहलें. अब उनुका त आदत बा साल के दू गो नवराति में नव दिन उपासे गुजारे के बाकिर उनुको अपना चेला चाटियन के आदत पता रहुवे से उहो पूरा पाँच घंटा के उपवास करे के निर्देश दिहलें आ उनुका गोल के लोगो पाँच घंटा उपासे बइठबो कइल. आखिर पचावहूं के त समय चाहेला. आ आजु हमरा अइसन लर धरा गइल बा कि बाति खतम होखे पर आवते नइखे. मलिकाइन के नाम का ले लिहनी इहो मलिकाइन के लाइन ध लिहलसि. ऊ एक बेर शुरु हो जाली त पूरा पैंतालीस मिनट बाजेली. बाकिर रउरा सभे घबराईं जन. एहिजा संपादक जी हमरा के ओतना छू़ट ना देस.
आजु बतगंड़ अधवे पर छोड़त बानी. काहें कि ना छोड़ब त टाइप सेटर एकरा के अतना छोट साइज में सेट कर दीहें कि पढ़इबे ना करी. से अब बाकी बात अगिला अतवार के.

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