– ओ. पी. सिंह


अपना देश के राजनीति दू गोले ह, भलही हर गोल में अलग अलग कई गो अउरी गोल समाइल रहेला. सबले बड़का दू गो गोल ह हिन्दू आ गैर हिन्दू. एह बाति से केहू नकार ना सके कि हिन्दुस्ताव के बँटवारा एही आधार प भइल. अलग बाति बा कि हिन्दूवन के मिलल हिस्सो प गैर हिन्दूए काबिज हो गइलें. आ शुरु हो गइल देश के सबले बड़हन जमात के तूड़े आ तूड़ के राखे के कोशिश. आजु देश का सोझा खड़ा अधिका झंझट नेहरुए शासन के देन ह. उनुके कमजोर करेजा का चलते कश्मीर के हिस्सा पाकिस्तान के कब्जा में चलि गइल, देश सुरक्षा परिषद में ना जा सकल, चीन हावी हो गइल.
देश के नवहियन के देश के इतिहास आ संस्कृति के सही जानकारी ना मिले एह खाति बचवन के किताब में विदेशी हमलावर आ निर्दई राजन के महान बतावल जाए लागल आ महाराणा प्रताप, शिवाजी जइसन लोगन के छोट देखावे के आपन शान बना लीहल गइल. कई बरीसन ले चलल एह अनेत में गैर हिन्दू मलिकान वाला मीडिया हिन्दू विरोध मे कुछऊ उठा ना रखलसि. बाकिर कहल जाला कि जब कवनो बाति आपन हद पार क जाले त ओकर काटो निकले लागेला. देश के बाकी सगरी फिरकावाराना दंगन आ कश्मीरी हिन्दूवन के मार भगवला के अनदेखी करे वाली मीडिया बारह बरीस ले मोदी के खूंखार हत्यारा वाला छवि गढ़े में लागल रहल. आ एही अनेत के परिणाम भइल कि देश के नवहियन में खीस पनपे लागल.
गँवे गँवे ई खीस ओकरा के एकजुट करा दिहलसि आ जब हिन्दू एकवटे लगलें त शुरु हो गइल तरह तरह के खेल. कबो असहिष्णुता के नाम प अवार्ड वापसी गिरोह खड़ा भइल त कबो झूठ परोसत दलित मु्द्दा लहकावे के कोशिश भइल. बाकि ई सगरी खुरचाल के बेकार करत हिन्दूवन के एकवटल जारी रहल. तरह तरह के बखेड़ा खड़ा करे वाला गैर हिन्दू राजनीति अब हिन्दूवन के एकता तूड़े खातिर भासा के आगि लहकावे के फेर में लाग गइल बिया. हिन्दी वालन के गलती आ बाकी भासावन के दबा के राखे के कुचाल से एगो हिन्दी विरोधी लहर बने के पूरा संभावना तलाशल जा रहल बा जवन हिन्दूवन के एका तूड़ सके. सोशल मीडिया प एकर आहट सुनाए लागल बा.
अब सगरी लड़ाई सोशले मीडिया के जमीन प होखे वाला बा काहे कि एह पर केहू के राज ना चले. अकेला से अकेला आदमियो आपन आवाज उठा सकेला आ ओकरा के सुने सकारे वालन के एगो गोल बने में देरी ना लागे. कई बेर सही मकसद ले के शुरू भइल आन्दोलनन से लालू आ केजरीवाल जइसन लोग देश का छाती प दाल दरे पैदा हो जालें. भठियरपन का खिलाफ शुरू लड़ाई प महाभठियारा माथ प बइठ गइलें. दिल्ली वालन के दिलदारी कहीं भा फोकट में सबकुछ पावे के लालसा का चलते सत्ता में आइल आआपा आपन आपा गँवा दिहलसि. ओकरा लागे लागल कि अब पूरा देश लूटे नोचे के मौका आ गइल बा ओकरा खाति. बिलाई का भागे सिकहर टूटल वाला हाल हो गइल. बाकि देश के जनता जल्दिए ऐह गिरोह के असलियत जान लिहलसि. आ ओह असलियत के नकारत हिन्दू विरोधी राजनीति आपन गलती ना देखत एगो मशीन प सगरी दोष थोपे के कोशिश करे लागल बिया. चले ना आवे अङनवे टेढ़. साथही साथ हिन्दूवन के एकजुटता तूड़े के कोशिशो जारी बा. भासा विवाद अइसने एगो खुरचाल हो सकेला आ नवहियन के एह ला सचेत रहला के जरुरत बा. देश के हर भासा के ओकर सम्मान मिले के चाहीं आ दोसरा भासा के कमजोर करे, समुझे के कोशिश ना होखे के चाहीं. ना त चोर चोरी से जाई त तुम्बाफेरी करे लागी. आपन एकजुटता टूटे नइखे देबे के.

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